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Jaunpur News: आंधी के साथ बूंदाबांदी और ओलावृष्टि, गेहूं की फसलें बिछीं

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सिंगरामऊ, क्षेत्र के इलाकों में हुई बारिश से किसानों का नुकसान। स्रोत-संवाद - फोटो : मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी जाहिद उर्फ डीपर। संवाद
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जौनपुर। जिले में मौसम के बदलते मिजाज ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। शुक्रवार रात करीब 9 बजे अचानक छाए काले बादलों और तेज हवाओं के साथ हुई बूंदाबांदी ने गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में तेज हवा के कारण फसलें खेतों में ही बिछ गई हैं, जिससे पैदावार घटने की आशंका ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। शुक्रवार रात को मौसम के अचानक करवट लेने से कई जगहों पर ओले भी गिरे। शनिवार को सुबह धूप खिली लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही ने धड़कनें बढ़ाए रखीं। लखनऊ स्थित राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, संकट अभी टला नहीं है। आगामी 31 मार्च को एक बार फिर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की प्रबल संभावना है। फसलें इस वक्त कटाई के बिल्कुल करीब हैं। ऐसे में बारिश और नमी न केवल दाने की गुणवत्ता खराब करेगी बल्कि उत्पादन पर भी सीधा असर डालेगी। कुदरत के इस बदले रुख ने जिले के किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह का असमय मौसम फसलों के लिए हानिकारक होता है। तेज हवा से अरहर की फसल गिर सकती है व फलियां टूट सकती हैं। सरसों की फलियां फट सकती हैं व दाने झड़ सकते हैं। वहीं गेहूं की फसल तेज हवा से गिर सकती है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। किसानों को चाहिए कि पकी हुई फसल की शीघ्र कटाई कर लें। जौनपुर के उप कृषि निदेशक डाॅ. वीबी द्विवेदी ने बताया कि बेमौसम बरसात, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से बीमित किसानों की फसलों को हुए नुकसान पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत 72 घंटे के अंदर सूचना देना जरूरी है। इसके अलावा जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल फ्री नंबर 14447 का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त क्रॉप इंश्योरेंस एप और व्हाट्सएप चैट बाट नंबर 7065514447 के माध्यम से भी सूचना साझा की जा सकती है। यदि किसानों को फसल बीमा से संबंधित किसी समस्या का सामना करना पड़ता है तो वे उसके त्वरित समाधान के लिए उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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