जौनपुर। बीते चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से बीते 12 घंटे में जिले में तीन कच्चे मकान गिर गए हैं। मड़ियाहूं के अहिरौली शीतलगंज गांव में बुधवार की रात बारिश के दौरान हीरावती देवी का पुराना मकान गिर गया। वे बुधवार की शाम को खाना खाने के बाद पड़ोसी के घर सोने चली गईं थीं। सुरेरी के भदखिन गांव निवासी राजमणि का कच्चा मकान भी गिर गया। बुधवार की रात करीब नौ बजे परिवार के सदस्य मकान के अंदर बैठकर भोजन कर रहे थे। अचानक दीवार में दरार पड़ने लगी। परिजन जब तक कुछ समझ पाते, इससे पहले ही दीवार और छप्पर भरभराकर नीचे गिर गया। भोजन करना छोड़कर परिवार के लोग बाहर भागकर जान बचाए। सूचना मिलने पर लेखपाल शिवम शाहू मौके पर पहुंचे। वहीं, चंदवक के अखईपुर गांव में रवि प्रजापति का मकान गिर गया। मकान गिरने से तीनों परिवार की गृहस्थी मलबे में दब गई।
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जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से पूरा फगुई गांव में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
मछलीशहर। पूरा फगुई गांव में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से गांव में पानी भर गया है। ग्रामीणों ने पानी में खड़े होकर प्रदर्शन करके विरोध जताया। एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत की गई लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
केराकत में 6 गांवों में घुसा गोमती के बाढ़ का पानी केराकत। बीते चार दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे है। केराकत के सिहौली, गोबरा, सरोज बड़ेवर और चंदवक क्षेत्र के बलुआ, बरमलपुर सहित कई अन्य गांवों में पानी पहुंच चुका है। चंदवक के बरमलपुर ग्राम पंचायत को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है। तहसीलदार योगेंद्र कुमार पांडेय ने महमदपुर गुलरा गांव पहुंचकर जलस्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जलस्तर सामान्य है। बाढ़ आने पर सबसे पहले इसी गांव में पानी बढ़ता है।
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डेढ़ करोड़ से बनी सड़क पानी में डूबी महराजगंज। गोठवां से टंडिया जाने वाली सड़क पानी में डूब गया है। गोठवां से जन्नौर निहाल का पूरा होते हुए टंडिया तक जाने वाली सड़क 200 मीटर तक पानी में डूब गई है। इस सड़क पर लगभग एक फीट तक पानी लगा है। एक करोड़ 51 लाख की लागत से बनी ढाई किलोमीटर लंबी सड़क पर फाइनल कोड गिट्टी पड़ चुकी है। सड़क डूबने से कल्याणपुर, रामपुर, बर्जी, केशवपुर, राजेपुर, मंझनपुर के लोगों को कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है।