सुइथाकलां। सरपतहां थाना क्षेत्र के सरायमोहिउद्दीनपुर पुलिस चौकी पर तैनात एक मुख्य आरक्षी द्वारा महिला फालोवर से छेड़खानी किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने पीड़िता के घर पहुंचकर उससे बात की। इसके बाद उन्होने एसपी को रिपोर्ट दी तो वहां से मुख्य आरक्षी, चौकी प्रभारी व एक अन्य पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया। अभी एक दिन पहले ही चौकी से छह सिपाहियों को हटाकर थाने में तैनात किया गया था।
थाने से जुड़े सूत्रों की मानें तो पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर जहां पुलिस कर्मी रहते हैं वहां खाना बनाने के लिए पांच-छह दिन पहले ही एक युवती को बुलाया गया। आरोप है कि रविवार की शाम को भोजन बनाने के लिए वह पहुंची और रसोईघर में जाकर खाना बना रही थी। उसी समय बिजली कट गई। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसी समय मुख्य आरक्षी विजय सिंह पीछे ऐ आए और छेड़खानी करने लगे। विरोध करने पर प्रलोभन भी दिए। हालांकि वह किसी तरह से वहां से भाग गई। प्रकरण संज्ञान में आते क्षेत्राधिकारी के निर्देश पर थानाध्यक्ष सरपतहां संजय कुमार सिंह ने संबंधित मुख्य आरक्षी समेत अन्य सिपाहियों को चौकी से हटाकर थाने पर सम्बद्ध कर दिया था। इसके बाद चर्चा और तेज हो गई। कथित तौर पर स्थानीय पुलिस द्वारा मामले को दबाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक बुधवार को जांच करने सरायमोहिउद्दीनपुर पुलिस चौकी पहुंचे। वहां पहले से मौजूद थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह और चौकी प्रभारी आरडी यादव को इस मामले में फटकार लगाए। पीड़िता के घर पर जाकर बयान लेने के बाद पुलिस अधीक्षक को मामले में रिपोर्ट प्रेषित की। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारी आरडी यादव, मुख्य आरक्षी विजय सिंह व पारस नाथ यादव को प्रभाव से निलंबित कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक/एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि छेड़खानी के मामले में तीन पुलिस कर्मियों केे निलंबित किया गया है।
पहले भी हुई छेड़खानी
जौनपुर जिले में पहले भी पुलिस कर्मियों पर छेड़खानी के मामले दर्ज हो चुके हैं। वर्ष 2020 में सरायख्वाजा थाना क्षेत्र की एक महिला ने न्यायालय में वाद दाखिल करके एक पुलिस कर्मी पर घर में घुसकर धमकी देने, पुत्र और पति के साथ मारपीट करने व छेड़खानी का आरोप लगाया था। इसी तरह करीब तीन साल पहले बक्शा थाना क्षेत्र के एक गांव में दबिश देने गए एक सिपाही को परिवार के लोगों ने बंधक बना लिया था। आरोप लगा था कि दबिश के बहाने छेड़खानी की गई।