जौनपुर। जिले में रविवार को मिले नए कोरोना मरीज ने संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है। पिकअप में उसके साथ छह अन्य लोग भी आए थे। इसमें तीन को काफी कोशिशों के बाद ट्रेस करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने क्वारंटीन कर दिया है। तीन अन्य साथियों का पता नहीं चल पा रहा। इसमें एक भदोही के सुरियांवा क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि एक सदर कोतवाली और दूसरा मड़ियाहूं क्षेत्र का। तीनों की पहचान को लेकर देर रात तक अफसर माथापच्ची करते रहे।
मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी महेंद्र यादव का मुंबई में माल ढुलाई का काम है। इन्हीं के एक पिकअप पर सरायख्वाजा निवासी अधेड़ चालक का काम करता है। दवा ढुलाई के लिए पिकअप को पास जारी किया गया था। इसी पास के आधार पर 29 अप्रैल को चालक पिकअप लेकर मुंबई से निकला। माल उतारते हुए जौनपुर पहुंचने की योजना के साथ उसने तीन अन्य लोगों को भी अपने साथ ले लिया। सभी वहां से पहले अहमदाबाद पहुंचे। वहां तीन अन्य युवक पिकअप पर सवार हुए और फिर नोएडा के लिए चल दिए। एक मई को हरियाणा के पलवल पहुंचने पर अचानक चालक की तबीयत खराब हो गई। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर उसे पलवल के जिला अस्पताल ले जाया गया। चालक ने बताया कि उसे अस्थमा की समस्या है। संभव है कि यह दिक्कत उसी के कारण हुई है। डॉक्टरों ने उसका उपचार करने के बाद एहतियात के तौर पर सैंपल लेकर छुट्टी दे दी। नोएडा में दवा उतारते हुए सभी दो मई की सुबह पिकअप से मीरगंज पहुंचे। यहां वाहन स्वामी को पिकअप की चाभी देने के बाद चालक बाइक से अपने गांव पहुंचा। तब से वह घर में था और परिवार के सदस्यों से संपर्क में बना रहा। रविवार की शाम उसकी रिपोर्ट आई तो प्रशासन ने उसके साथ यात्रा करने वालों की तलाश शुरू की। मीरगंज क्षेत्र के दो और मुंगराबादशाहपुर के एक युवक की पहचान कर उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया है। वहीं मड़ियाहूं, सदर कोतवाली और भदोही के सुरियांवा निवासी युवक का पता स्पष्ट नहीं होने से उनकी पहचान नहीं हो पाई थी। देर रात तक इसे लेकर माथापच्ची चलती रही। चिंता की बात यह है कि अगर यह युवक भी कोरोना संक्रमित मिले तो फिर प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। नोएडा के उस फर्म की भी जानकारी जुटाई जा रही है, जहां दवा की आपूर्ति दी गई थी।
क्वारंटीन में रहने वालों के घर चस्पा होगा पोस्टर
जौनपुर। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों को होम क्वारंटीन में रहने ही दशा में उनके घर के बाहर पोस्टर चस्पा किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रधान, आशा, वार्ड व मोहल्ल निगरानी टीम उसकी निगरानी करती रहेेगी। 21 दिन पूरा होने के बाद पोस्टर हटा लिया जाएगा। ऐसे परिवार के सिर्फ एक सदस्य को ही जरुरी सामानों की खरीदारी के लिए घर से बाहर निकलने की अनुमति होगी। अगर कोई व्यक्ति होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन करते पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।