मछलीशहर। कोतवाली क्षेत्र के दाउदपुर गांव में मंगलवार को दोपहर में रिहायशी छप्पर में आग लगने से मां-बेटे समेत तीन लोग झुलस गए। छप्पर में बंधी बकरी और उसके दो मेमने जलकर मर गए। छप्पर में रखा खाद्यान्न और घर गृहस्थी का सामान जल गया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
गांव निवासी मनीलाल घर के बगल में ही गेहूं की कटाई कर रहे थे। तभी उनके रिहायशी छप्पर में आग लग गई। वो भाग कर मौके पर पहुंचे। छप्पर के अंदर से अपनी विकलांग मां को बाहर निकाला। इसमें वह भी आग की चपेट में आ गया और झुलस गया। उसकी बेटी प्रीति उर्फ रूपा भी अंदर बंधी भैंस बचाने के चक्कर में झुलस गई। देखते ही देखते आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया। शोर सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हुए और आग बुझाने में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मनीलाल की दिव्यांग मां करमैता पत्नी स्व. सरजू (60) और गृहस्वामी मनीलाल अपनी मां को बचाने में झुलस गए। गंभीर हालत देख मां - बेटे को डाॅक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मनीलाल की पुत्री प्रीति उर्फ रूपा (15) भी झुलस गई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। घटना में गृहस्थी का सामान और खाद्यान्न जल गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंची लेकिन उससे पहले ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था।