फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: बिना पंजीकरण चल रहे तीन अस्पताल सील

विज्ञापन
मछलीशहर में अस्पताल सील करते कर्मचारी। संवाद
विज्ञापन
मछलीशहर (जौनपुर)। जाॅइंट मजिस्ट्रेट और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने नगर में मानक की अनदेखी कर चलाए जा रहे तीन अस्पतालों को सील कर दिया गया। टीम के पहुंचने पर संचालक अस्पताल छोड़कर भाग गए। कर्मचारी डिग्री व कागजात नहीं दिखा सके। इन मामलों में केस दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
विज्ञापन


ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ और सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अजय सिंह, डाॅ. अमरीश अग्रहरि और फार्मासिस्ट मानसिंह के साथ नगर के निजी अस्पतालों की वैधता की जांच करने निकले थे। टीम नगर के चुंगी चौराहा स्थित सिटी हॉस्पिटल पहुंची। जांच टीम के आने की सूचना लगते ही डाॅक्टर मौके से भाग गया। तीन मरीज भर्ती थे। सभी को एंबुलेंस से सीएचसी में लाकर भर्ती किया गया। अस्पताल को सील कर दिया गया। इसके बाद टीम रोडवेज के निकट विद्यावती अस्पताल पहुंची। वहां अस्पताल के बाहर ताला लटक रहा था। सभी भाग गए थे। यहां से टीम नंदलाल का पूरा मोहल्ले में स्थित मां चंद्रावती क्लिनिक पहुंची। जहां अस्पताल तो खुला था, लेकिन मौके से डाक्टर गायब था। टीम ने अस्पताल सील कर दिया। उसके बाद टीम मछलीशहर क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल पहुंची। यहां से भी पूरा स्टाफ गायब था। टीम ने अस्पताल सील कर दिया। अधीक्षक डाॅ. अजय सिंह ने बताया तीन अस्पताल अवैध रूप से संचालित मिले। इनका पंजीकरण नहीं था। डाक्टर की डिग्री भी नहीं उपलब्ध कराई गई। तीन अस्पताल सील किए गए हैं। शेष अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
संचालक पर मुकदमा दर्ज, अस्पताल सील
मछलीशहर (जौनपुर)। नगर के अपोलो जेएन एम अस्पताल में भर्ती महिला मरीज की मौत के मामले में कोतवाली में महिला के ससुर ने बृहस्पतिवार को अस्पताल के संचालक पर मुकदमा दर्ज कराया है। इसके पहले परिजन बुधवार रात ही में धरने पर बैठे गए थे। उनकी मांग पर प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को सीएचसी में शिफ्ट कर अपोलो अस्पताल को सील कर दिया है।
विज्ञापन

जमुहर के दहेला गांव निवासी मृत महिला बबीता के ससुर सुरेन्द्र कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि अस्पताल संचालक दिनेश पटेल और उनकी डाॅक्टर पत्नी सरोजा ने उनकी बहू का प्रसव उनकी इच्छा के विरुद्ध ऑपरेशन से कर दिया। तबीयत खराब होने पर दूसरे अस्पताल में जाना चाहा तो डिस्चार्ज नहीं किया। बाद में जब मरीज की मौत हो गई तो जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम लिए भेज दिया है। रात में परिजनों की कार्रवाई करने की मांग पर प्रशासन ने निजी अस्पताल के मरीजों को सीएचसी में भर्ती कर देर रात अस्पताल को सील कर दिया है। मामले में प्रभारी निरीक्षक क्राइम राम सरन यादव का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। विवेचक साक्ष्य एकत्रित कर रहे हैं। साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तारी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें