शाहगंज। क्षेत्र के सिधांई गांव में स्थापित गोशाला में मंगलवार को तीन मवेशियों की मौत हो गई। आरोप है कि मवेशियों ने भूख-प्यास से तड़प कर दम तोड़ दिया। यहां पशुओं को चारा-पानी देने के लिए लगाए गए कर्मचारी बिना किसी सूचना के फरार बताए जा रहे हैं। ग्राम विकास अधिकारी ने इसके लिए ग्राम प्रधान को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
सिधाई गांव में जिला प्रशासन की ओर से गोशाला का निर्माण कराया गया है। इस वक्त यहां 46 मवेशियों को रखा गया था। जिनमें से तीन मवेशियों की मंगलवार को मौत हो गई। मृत मवेशी गोशाला में ही पड़े रहे। इसकी जानकारी होने पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता बुधवार की सुबह गोशाला पहुंचे, जो मामले की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। इसके बाद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान ज्ञानमती के पति लक्ष्मण बिंद मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद जेसीबी मंगवाई गई और पास में ही गड्ढा खोद कर मृत मवेशियों को दफन कर दिया गया। ग्राम प्रधान के पति का आरोप है कि गोशाला में चारे का इंतजाम नहीं था। कई दिनों से मवेशियों की देखरेख करने वाला कर्मचारी भी नदारद है। जिसकी वजह से तीन मवेशियों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि नवगठित ग्राम सभा कमेटी को अभी चार्ज नहीं मिला है इसलिए गोशाला की देख-रेख के लिए अभी उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। जबकि ग्राम विकास अधिकारी दीपक सिंह ने नव निर्वाचित ग्राम प्रधान के इस बयान को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि महज एक मवेशी की मौत हुई है। चारे की व्यवस्था व देखरेख के लिए कर्मचारी रखने के लिए नवनिर्वाचित प्रधान को कहा गया था। इसके लिए ग्राम प्रधान जिम्मेदार है।