मुंशी प्रेमचंद की 87वें स्मृति दिवस पर छात्र संगठन एआईडीएसओ की ओर से आठ अक्तूबर को विद्यापति भवन पटना में पूर्वी भारत के क्षेत्रीय शिक्षा सम्मेलन का आयोजन होगा है। जिसमें छात्र संगठन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का विरोध करेगा। शुक्रवार को सम्मेलन की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं ने टीडी काॅलेज के मुख्य द्वार पर पर्चा बांटकर छात्रों की बीच संपर्क अभियान चलाया।
संगठन के राज्य सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि शिक्षा का काम केवल तथ्यों को याद करना, डिग्रियां लेना या किसी उपकरण को चलाने की दक्षता हासिल करना नहीं है। सगंठन की प्रमुख मांगे नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को खत्म किया जाए, शिक्षा के लिए केंद्रीय बजट का 10 प्रतिशत एवं राज्य बजट का 30 प्रतिशत आवंटित करें, शिक्षकों के 11 लाख पदों को भरा जाए।
अंशकालिक शिक्षकों की नौकरी स्थाई करें। स्कूल कॉम्प्लेक्स’ के नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद करने की योजना वापस ले, कक्षा 1 से 8 तक पास- फेल करने की व्यवस्था लागू करें, स्कूलों में सेमेस्टर सिस्टम परीक्षा पर रोक लगाई जाए, कॉलेजों से सीबीसीएस व सेमेस्टर सिस्टम वापस ली जाए, सरकारी संस्थाओं की फीस आम छात्रों की सीमा के अन्दर रखें, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पर रोक लगाने समेत 13 बिंदुओं पर चर्चा होगी।