भन्नौर पीएचसी पर भुट्टा भूनते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और स्टाप नर्स। संवाद
जौनपुर। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में रविवार को स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही की तस्वीर सामने आई। भन्नौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मेले के दौरान कोई डॉक्टर नहीं मिला। लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स ड्यूटी छोड़कर अस्पताल परिसर में भुट्टा भूनते नजर आए। लोहिंदा में डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन ने मरीजों की जांच कर दवाएं बांटीं। वहीं सिंगरामऊ में 173 मरीजों का उपचार किया गया। महराजगंज में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहिंदा में आयोजित जन आरोग्य मेले में डॉक्टर नहीं थे। फार्मासिस्ट राकेश कुमार और लैब टेक्नीशियन भुवनेश्वर चौरसिया ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि लोहिंदा केंद्र पर डॉक्टर की तैनाती नहीं है। सिंगरामऊ में पीएचसी पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। यहां 173 मरीजों का उपचार किया गया। ज्यादातर लोग टायफायड, बुखार, सर्दी और जुकाम के रहे। मरीजों ने मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण बुखार की शिकायत बढ़ने की बात कही।