जौनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बृहस्पतिवार को छिटपुट घटनाओं के बीच जिले में मतदान शांतिपूर्ण रहा। गांव की सरकार चुनने के लिए सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह बना रहा। शाम 5 बजे तक 63.35 प्रतिशत वोट पड़े। कई बूथों पर इसके बाद भी मतदाताओं की कतार लगी रही। महिलाओं, युवाओं के साथ बुजुर्गों ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे दिन सुरक्षा बल क्षेत्र में गश्त करती रहे। मतदान के बाद मतपेटी जमा करने के लिए देर रात तक ब्लाक मुख्यालय पर भीड़ जुटी रही।
मतदान सुबह सात बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ। कुल 1740 ग्राम पंचायतों में बने 5106 बूथों पर मतदान के लिए सुबह से ही मतदाताओं की कतार लग गई। गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाता उत्साहित दिखे। जिले में 21 ब्लॉकों में ग्राम प्रधान के कुल 1740 पद हैं। इसमें तीन सीटों पर नामांकन के बाद प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित किया गया है। बीडीसी सदस्य के 2027 में से 56 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन के बाद शेष 1971 पदों के लिए वोट पड़ना था। एक पद पर चुनाव गड़बड़ी के चलते निरस्त कर दिया गया। जिला पंचायत सदस्य के 83 पद हैं। इस चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह, मॉडल दीक्षा सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कमला सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष राजबहादुर यादव की पत्नी राजकुमारी देवी, मल्हनी विधायक लकी यादव की भयोहू उर्वशी यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह की चाची शीला सिंह, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी की देवरानी सहित कई दिग्गज और उनके परिवार के सदस्य जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मैदान में हैं। प्रधान पद पर भी दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को घरों से निकालकर अपने पक्ष में वोट दिलाने के लिए सभी प्रत्याशी प्रयासरत रहे। सुरक्षा के मद्देनजर डीएम मनीष कुमार वर्मा, एसपी राजकरण नय्यर पुलिस फ़ोर्स के साथ चक्रमण करते रहे। डीएम-एसपी ने बक्शा के प्राथमिक विद्यालय गढ़ासेनी, प्राथमिक विद्यालय सुजियामऊ, विकासखंड क्षेत्र सिरकोनी के इंग्लिश मीडियम अभिनव प्राइमरी स्कूल सुल्तानपुर, शाहगंज के कुहिया, खुटहन के प्राथमिक विद्यालय गुलालपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय डीहजहनिया में बने बूथों का निरीक्षण किया। मतदाताओं को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए मतदान करने के लिए प्रेरित किया। सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट की टीम भी लगातार गश्त करती रहीं।