मल्हनी। खेतासराय थाना क्षेत्र के गुरैनी के पास मंगलवार रात लगभग 11 बजे बस और ट्रक की आमने-सामने हुई टक्कर में 5 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद से मृतकों के परिवार के लोग शव लेने के लिए रात भर अस्पताल में डटे रहे। बुधवार को पोस्टमार्टम में हो रही देरी पर परिवार वालों और थानाध्यक्ष में बहस हो गई।
बुधवार की दोपहर सिद्धिकपुर स्थित आधुनिक चीर घर में पोस्टमार्टम में देर होने पर माहौल गरमा गया। खुटहन थाना क्षेत्र के पटैला गांव निवासी हादसे में मृत देवी प्रसाद के रिश्तेदार राजेश अग्रहरि और खेतासराय थानाध्यक्ष रामाश्रय राय के बीच तीखी बहस हुई। परिवार वालों का आरोप था कि कागजी प्रक्रिया में लापरवाही से दो घंटे से ज्यादा का समय बर्बाद हुआ। सूचना पर सपा के प्रदेश सचिव अजय विश्वकर्मा और जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य भी पहुंच गए और आक्रोशित परिवार वालों को शांत कराने की कोशिश की। करीब आधे घंटे की बातचीत के बाद पुलिस के आश्वासन पर परिवार के लोग मान गए। थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने कहा कि एक साथ पांच शवों का पोस्टमार्टम होना था। प्रशासन पर लगे आरोप निराधार हैं।
उधर, परिवार वालों की ओर से शव गृह के बाहर हंगामा किए जाने की जानकारी होने पर सपा के जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य, सदर विधानसभा इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र यादव, जिला महासचिव आरिफ हबीब और जिला सचिव गुलाब यादव पहुंचे। राकेश का कहना था कि परिवार वालों का हंगामा जायज था। आरोप लगाया कि सभी शव बिना कपड़े में लपेटे उसी तरह जमीन पर लावारिस की तरह रखे गए थे। शव पर चीटियां रेंग रही थीं। उन्होंने डीएम से फोन पर बात की और व्यवस्था में सुधार की मांग की। इसके बाद सीओ सिटी देवेश सिंह और कोतवाल मिथिलेश मिश्र पहुंचे और सभी को समझाकर शांत कराया। सपा के जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने मृतकों के परिवार वालों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की। सपा जिलाध्यक्ष ने जिला अस्पताल में भर्ती घायलों और उनके परिवार वालों से मुलाकात कर चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।