गेहूं की पहली सिंचाई किसान शुरू कर दिए है, लेकिन बिजली की अघोषित कटौती से गेहूं की सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि दिन में चार से पांच घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। कई किसान रात में सिंचाई करने को मजबूर हैं।
जिले में करीब आठ लाख से अधिक किसान है। इस साल कुल करीब दो लाख 361 हेक्टयर में गेहूं की बोआई हुई है। बड़ी संख्या में किसान बिजली के पंपिंग सेट सिंचाई करते है, लेकिन दिन में चार से पांच घंटे बिजली कटौती होने से किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं कई किसान रात में गेहूं की सिंचाई कर रहे है।
बदलापुर: गेहूं की फसलों की सिंचाई तेजी से चल रही है ऐसे में किसानों को बिजली की आवश्यकता है, लेकिन दिन में महज तीन से चार घंटे आपूर्ति मिल रही है। किसान धर्मेंद्र सिंह, रोहित तिवारी, उमाशंकर ने दिन में आठ घंटे आपूर्ति किए जाने की मांग की है।
महराजगंज: विद्युत उपकेंद्र भटपुरा से संचालित महराजगंज, राजाबाजार, सराय पड़री व सहोदरपुर फीडर से संचालित विद्युत आपूर्ति रोस्टर के अनुसार नहीं संचालित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर बना हुआ है।
जिसमें दिन में 4 से 5 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। कृष्ण सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, हनुमान प्रसाद, फूलचंद्र आदि किसानों ने बताया कि दिन में बिजली कटौती होने से गेहूं की सिंचाई नहीं कर पा रहे है।
नेवढ़िया: नेवढ़िया विद्युत उपकेंद्र से कुल 10 से 12 घंटे ही उपभोक्ताओं को बिजली मिल रही है जबकि रोस्टर 18 घंटे की है। दिन में पांच घंटे तक कटौती की जा रही है।
इससे गेहूं की सिंचाई प्रभावित हो रही है, कटौती के बाद बिजली अधिकतर रात में मिलती है रात में सिंचाई करना बहुत ही मुश्किल है।
केराकत: केराकत तहसील क्षेत्र में रोस्टर के हिसाब से बिजली नहीं मिल रही है। दिन में चार से पांच घंटे तक कटौती की जा रही है। मुश्किल से आठ घंटे बिजली मिल रही है।
बार-बार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं। संतोष यादव,रामशंकर, बीरू सिंह आदि किसानों ने इस समस्या से निजात दिलाने की मांग बिजली निगम के अधिकारियों से की है।