जौनपुर। सुइथाकलां के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मिसिरपुर में 25 वर्षों से छात्र-छात्राओं को विद्यालय जाने के लिए रास्ता नहीं है। बच्चे खेत की मेड़ पर चलकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की लापरवाही के चलते स्कूली बच्चों के आने-जाने के लिए आज तक कोई मार्ग नहीं है।
इस स्कूल के 100 से अधिक बच्चों के रोजाना आने जाने का रास्ता मेड़ ही है। स्थानीय नागरिक डॉ. विनोद कुमार सिंह वत्स ने बताया कि विधायक रमेश सिंह ने कार्यक्रम के दौरान सड़क बनवाने की घोषणा की थी। प्रशासन के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम पैमाइश भी कर चुकी है। मार्ग पर मिट्टी भी पड़ी थी लेकिन न तो रास्ता बना और न ही मार्ग पर डाली मिट्टी ही रह गई है। बरसात में आए दिन मेड़ पर चलते हुए स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। प्रधानाध्यापक विनय कुमार सिंह ने बताया कि सड़क न होने के कारण बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर अभिभावकों की रुचि भी कम देखने को मिल रही है। इससे छात्रों का नामांकन भी प्रभावित हो रहा है। बच्चे विद्यालय आने में कतराने लगे हैं। इसके चलते छात्र संख्या में भी गिरावट आ रही है। कई बार प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर अवगत भी कराया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। संवाद
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वर्जन-
बच्चों को विद्यालय पहुंचने के लिए रास्ता न होना बड़ी समस्या है। इसके समाधान के लिए डीएम से बात करूंगा। जल्दी ही सड़क बनवाई जाएगी।
-रमेश सिंह, विधायक, शाहगंज, जौनपुर
नादौन के निजी अस्पताल में हुई महिला की मौत के बाद अस्पताल गेट पर तैनात पुलिस बल। संवाद