मड़ियाहूं सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से जांच के लिए मरीजों को भटकना पड़ता है। इसके चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्वास्थ्य केंद्र पर हर रोज ओपीडी में 350 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 20 से 25 गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य मरीज लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें जांच की जरूरत पड़ती है।
स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड मशीन न होने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए इधर-उधर चक्कर लगाना पड़ रहा है। कुछ महिलाएं मोटी रकम खर्च कर निजी सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मजबूर होती हैं। सीएचसी पर हर 20 से 25 महिलाओं के साथ ही अन्य मरीज भी इलाज कराने के लिए सीएचसी पर आते हैं। उन्हें जांच की जरूरत होती है। सीएचसी में प्रतिदिन महिला मरीजों की भीड़ रहती है। शासन का निर्देश है कि गर्भवती महिलाओं की हर माह जांच कर उनके स्वास्थ्य की रिपोर्ट दी जाए। गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता है। उन्हें प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच के लिए 800 से 1200 रुपये खर्च करना पड़ता है। महमूदपुर गांव निवासी पुनीत सिंह ने बताया कि सीएचसी में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जाना पड़ रहा है। जहां केंद्र संचालक मनमानी वसूली करते हैं।
सीएससी अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार भारती ने बताया कि सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड विभाग अपने खर्चे पर नि:शुल्क करवा जा रहा है। लगभग 15 से 20 अल्ट्रासाउंड के मरीज रोज आते हैं। उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जाता है।