मड़ियाहूं। जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों पर दवाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों के लिए बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। छह महीने से कई अस्पतालों में दवाएं नहीं हैं।
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में दवा और संसाधनों के अभाव के कारण मरीजों को उपचार की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। दवाओं की कमी के कारण मरीज परेशान हैं। उन्हें मजबूरी में बाहर की दुकानों से महंगे दाम पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना 70 से 150 मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिन सभी मरीजों को एक-दो दवाओं की पुड़ि़या पकड़ा दी जाती है। बाकी दवाएं बाहर की लिख दी जाती हैं। अस्पताल में 6 महीने से जरूरी दवाओं की कमी बनी हुई है। दवाओं की कमी के कारण मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है। चिकित्सा अधीक्षक श्रीकांत पांडेय ने बताया कि वर्तमान में कुछ ही दवाएं उपलब्ध हैं। दवाओं की कमी के कारण मरीजों को पूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। दवा के लिए विभाग के अधिकारियों का पत्र लिखा गया है। जल्दी ही सभी दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। उधर, आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डाॅ. कमल का कहना है कि आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति के लिए तीन फर्मों को जिम्मेदारी दी गई है। अभी केवल दो फर्मों ने ही दवाओं की आपूर्ति की है। एक फर्म ने अभी तक दवाओं की आपूर्ति नहीं की है। इसके चलते कुछ अस्पतालों में दवाओं की कमी बनी हुई है। इसी सप्ताह दवाओं की आपूर्ति होने की संभावना है। आपूर्ति होने के बाद अस्पतालों में दवाएं भेज दी जाएंगी।