गुरुनानक देव के प्रकाशोत्सव पर रासमंडल स्थित गुरुद्वारा में आयोजित कीर्तन में शामिल महिलाएं और
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जौनपुर। सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव का 551वां प्रकाश पर्व सोमवार को गुरुद्वारों में सादगी से मनाया गया। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए भीड़ से बचते हुए लोगों ने गुरुद्वारा में मत्था टेका और अरदास की। रागी जत्थे ने शबद-कीर्तन गाया। गुरुवाणी का पाठ किया गया। गुरुनानक देव के के संदेशों को जीवन में उतारने पर बल दिया गया।
नगर के रासमंडल स्थित गुरुद्वारे झालर और फूलमाला से सजाया गया था। ग्रंथी जिवपाल सिंह के निर्देशन में सोमवार को सुबह सात से 10 बजे तक अखंड पाठ हुआ। इसके बाद कानपुर चौक स्थित गुरुद्वारा के कुलदीप सिंह के नेतृत्व में आए रागी जत्था ने शबद-कीर्तन प्रस्तुत किया। कीर्तन 1.30 बजे खत्म हुआ। जत्थे ने गुरु की महिमा बताते हुए कीर्तन से भक्ति में डूबो दिया। कीर्तन के बाद शुरू हुआ लंगर देर शाम तक चला। कार्यक्रम में मनमोहन सिंह, तेजा सिंह आदि शामिल हुए। सभी ने एक-दूसरे को प्रकाश पर्व की बधाई दी। प्रकाश पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह रहा। मड़ियाहूं नगर पंचायत के मिश्राना मोहल्ला स्थित गुरुद्वारा नानक शाही में सोमवार को गुरुनानक देव की जयंती मनाई गई। शबद-कीर्तन के साथ महिलाओं ने भजन प्रस्तुत किए। दोपहर बाद से गुरु का अटूट लंगर चला। सभी धर्म के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। डॉ. परमजीत सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहब महाराज की कृपा जिस पर हो जाए उसको सभी सुख प्राप्त होते हैं। इस मौके पर कंवलजीत सिंह, टीटू सिंह, राजू सिंह, आतम सिंह आदि उपस्थित रहे।