फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: 4 सफाईकर्मी हैं तैनात, 10 हजार की आबादी झाड़ियों के बीच खोजती है रास्ता

विज्ञापन
झाड़ियों से छीपा महामाया मंदिर से बाजार जाने वाला रास्ता। संवाद
विज्ञापन
डोभी। ‘’शब्दों की हाथी पर झूमता महावत है, गांव अपना लाठी और भैंस की कहावत है’’ गीतकार गुलाब सिंह की लिखी पंक्तियां डोभी ब्लॉक के हरिहरपुर गांव की दशा बयां करने के लिए काफी हैं। गांव में चार सफाईकर्मी तैनात हैं। फिर भी 10 हजार की आबादी झाड़ियों के बीच रास्ता खोजती है। आठ महीने सिर्फ फाइलों में गांव के मुख्य रास्ते पर उगी झाड़ियों की सफाई की गई थी। ताकि बारिश के मौसम ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी न हो। यह तस्वीर गांव के मुख्य सड़क की है। इससे 15 मजरे के लगभग 10 हजार की आबादी रोज गुजरती है। गांव में सफाईकर्मी कभी नहीं आते है। सफाई के अभाव में रास्तों पर झाड़ियां उगीं हैं। प्रधान के घर और सेक्रेटरी के निजी काम को सफाईकर्मी अपना काम समझते हैं। गांव में बना 25 लाख से अंत्येष्टि स्थल भी गंगा-गोमती के उफान के कारण डूब गया है। 8 किलोमीटर तक झाड़ियों के बीच से पढ़ने जाते हैं बच्चे : मरम्मत नहीं होने और सफाई के अभाव में रास्ते के संकट से जूझ रहा हरिहरपुर गांव तो सिर्फ एक बानगी है। डोभी ब्लॉक के तीन सबसे बड़े आबादी वाले गांव में शामिल हरिहरपुर की आबादी लगभग 10 हजार के आसपास है। इंटर और डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई करने के लिए छात्र-छात्राओं को तीन से आठ किमी दूर जाना पड़ता है। सेमरी, बलुआ, पचधर, अडारे, स्टेशन रोड आदि मजरे के रास्ते पर कीचड़ और जलभराव के साथ झाड़ियों ने पैदल चलना मुश्किल कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें