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पत्नी को जिताने में लगा दिया जी-जान, जीत तो मिली पर सांस थम गई...

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जौनपुर। पत्नी की जीत के लिए उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी। दिन-रात चुनाव प्रचार में जुटे रहे। रूठों को मनाने और उनका समर्थन पाने के लिए क्या कुछ नहीं किया। जनता ने बड़ी जीत के रूप में आशीर्वाद भी दिया, लेकिन पत्नी के जीत की यह खुशी देखने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं। मामला केराकत ब्लॉक के भौरा गांव का है।
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यहां प्रधान पद पर ज्ञानती सिंह को जीत मिली है। राकेश सिंह का सपना था कि पत्नी को प्रधान बनाएंगे। इसके लिए चुनाव के एलान के बाद से ही वह कमर कसकर मैदान में कूद पड़े थे। नामांकन से लेकर चुनाव प्रचार और वोट डलवाने तक वह लगातार भागदौड़ करते रहे। जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते थे। इस भागदौड़ के चलते वह बीमार हो गए। मतदान के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने वाराणसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां शनिवार की रात राकेश ने दम तोड़ दिया। रविवार की रात उनके गांव के वोटों की गिनती हुई तो पत्नी ज्ञानती सिंह 467 मतों के अंतर से निर्वाचित हुईं। उन्हें 770 मत मिले, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी अन्नपूर्णा सिंह को 303 मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस बड़ी जीत के बाद भी परिवार में मायूसी छाई हुई है। ग्रामीणों में इसे लेकर चर्चा जोरों पर हैं।
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