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घटने लगा है गोमती नदी का जल स्तर,कम नहीं हो रही तीन मोहल्लों की परेशानी

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जौनपुर। गोमती और सई नदी का जलस्तर कम होने लगा है लेकिन अभी गोमती के तटवर्ती तीन मुहल्लों के लोगों की दुश्वारियां बरकरार हैं। जलभराव के चलते घर छोड़ने वाले 25 परिवारों के सदस्य घरों को लौट आए हैं लेकिन उन्हें अब संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है। उन्हें विषैले जंतुओं का भी डर बना हुआ है। गोमती और सई नदी के उफनाने से खेत खलिहान भर गए हैं। कई इलाकों में तो घुटने भर पानी लगा हुआ है। हालांकि सई और गोमती नदी जलस्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन, शहर के अंदर ही तीन मोहल्ले के लोगों की परेशानियां 20 दिन बाद भी कम नहीं हुई हैं। गोमती नदी के तटवर्ती इन तीनों मोहल्लों में गोमती नदी का पानी घुस गया है। गोमती नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर में अब कमी आई है। करीब एक फीट जल स्तर इधर तीन-चार दिनों में घट गया है लेकिन, लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। हनुमान घाट, गोपीघाट, विर्सजन, गूलर घाट, अली घाट डूब चुके हैं। हनुमान घाट स्थित शिव मंदिर में भी पानी घुस गया है। गोमतेश्वर नाथ महादेव मंदिर और दर्शनार्थियों के लिए लगा टीनशेड का तो पानी में पता ही नहीं लग पा रहा है कि यहां कुछ है भी या नहीं। यही हाल नमामि गंगे परियोजनाओं के तहत 8.05 करोड़ की लागत से हो रहे हनुमान घाट विकसित किया गया है। शेखपुर, चकप्यार अली और बलुआ घाट में भी पानी घुस गया है। इन तीनों मोहल्लों में करीब 25 परिवार ऐसे भी हैं, जो परेशान हैं। गोमती नदी का लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण इनमें से कइयों ने अपना घर छोड़ दिया था लेकिन, गरीबी के कारण अब वे वापस आ रहे हैं। मौजूदा स्थिति देखने के बाद वह संक्रामक बीमारियों और जलीय जंतुओं को लेकर डरे हुए हैं। हालांकि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल ने का कहना है कि लेखपाल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में नजर रखे हुए हैं। प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है। एंटी लार्वा और फागिंग कराई जा रही है। साथ ही पानी में मोबिल डाला गया है। बावजूद इसके यदि किसी भी को दिक्कत होती है तो वह सीधे मेरे मोबाइल नंबर 9454417108 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।
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