जौनपुर। कोरोना से परदेश से भाग कर आ रहे प्रवासी श्रमिकों का आर्थिक संकट का दूर करने के लिए पिछले साल की भांति इस साल भी मनरेेेगा के तहत काम देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रवासी श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाया जाएगा। इसके बाद तालाब खोदाई, रास्ता निर्माण सहित अन्य कार्य कराकर उन्हें काम दिया जाएगा। इसके लिए जिम्मेदार अभी से तैयारी में जुट गए हैं।
पिछले साल कोरोना के कारण परदेश से करीब तीन लाख 30 हजार प्रवासी श्रमिक जनपद में आए थे। इन श्रमिकों को गांव के आसपास ही काम देने के लिए मनरेगा को जरिया बनाया गया था। इस दौरान करीब 49 हजार 51 प्रवासी श्रमिकों ने काम की मांग की थी, जिनका जॉबकार्ड बनाकर काम देने का कार्य किया गया था। लगभग वैसी ही स्थिति इस साल भी उत्पन्न हो गई है। कोरोना संक्रमण एक बार फिर तेजी से अपना पांव पसार रहा है, जिसके डर से फिर परदेश से प्रवासी श्रमिकों का आना शुरू हो गया है। अभी तक छह हजार प्रवासी श्रमिक आ चुके हैं। उन्हें काम उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार अभी से तैयारी शुरू कर दिए हैं। उनको काम देने के लिए तालाब खोदाई, खेत समतली करण, नहर सफाई और रास्ता निर्माण आदि का कार्य कराने की योजना बनाई जा रही है।