बक्शा। स्थानीय विकास खंड के अगरौरा गाँव में स्थित शहीद स्तंभ पर जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह के आने के इंतजार में ग्रामीण घंटों बैठे रहे। ऐन मौके पर पता चला कि किसी जरूरी कार्य से डीएम का अगरौरा गांव आने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। जिससे ग्रामीण निराश हो गए। मौके पर मौजूद खंड विकास अधिकारी छोटेलाल तिवारी और अन्य लोगों ने शहीद स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर शहीद रामानंद और रघुराई को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
16 अगस्त 1942 को धनियांमऊ पुल तोड़ने में शामिल अगरौरा गांव के स्वतंत्रता सेनानी रामानंद और रघुराई चौहान को अंग्रेजों ने 23 अगस्त 1942 को उनके घर के सामने पेड़ से लटकाकर पहले उनकी आंख के सामने उनके घरों को आग के हवाले कर दिया फिर गोली मार दी थी। 15 मई 1982 को तत्कालीन मल्हनी विधायक तेजबहादुर सिंह ने गाँव में ही शहीद स्तम्भ बनवाया था। जो अब उपेक्षित पड़ा है। उपेक्षित शहीद स्तम्भ को देखने जिलाधिकारी को आना था परंतु अंतिम समय में कार्यक्रम स्थगित होते ही ग्रामीणों में निराशा हो गई। मौके पर मौजूद बीडीओ बक्शा डॉ. छोटेलाल तिवारी ने शहीद स्तम्भ पर माल्यापर्ण कर नमन किया। इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी जेपी सिंह, प्रधान बबलू चौहान, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।