केराकत। केराकत कोतवाली क्षेत्र के पसेवा गांव के युवक शमशेर चौहान(26) की हत्या के बाद बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार पसेवा घाट पर हुआ। परिजनों ने ढाई घंटे तक शव को रोककर आर्थिक सहायता की मांग की। एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीण व परिजन शांत हुए।
तनाव को देखते हुए चार थानों की फोर्स तैनात रही। हत्या के बाद सभी पांच नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शमशेर की बुधवार को गांव के दबंगाें ने धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव बृहस्पतिवार की सायं करीब साढ़े चार बजे गांव में पहुंचा। इससे गांव में शोक छाया रहा।
परिजनों की चीख-पुकार से हर आंखें नम थीं। परिजन व ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए नहीं जाने दिए। कहा कि जब तक एसडीएम नहीं आएंगे और आर्थिक सहायता नहीं देंगे तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होगा।
करीब सात बजे एसडीएम शैलेंद्र कुमार के समझाने के बाद लोगों ने शव उठने दिया। ग्रामीणों ने मृतक को अंतिम विदाई दी।
शव का अंतिम संस्कार पसेवा घाट पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मुखाग्नि बड़े भाई जयप्रकाश ने दी।
अंतिम संस्कार के संपन्न होते ही पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। पिता जयदेव ने कहा कि उनके इकलौते कमाऊ बेटे की हत्या हुई है। उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए। पसेवा गांव में हालिया हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
पोस्टमार्टम हाउस से लेकर पसेवा गांव तक सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र डेढ़ सेक्शन पीएसी बल की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त सर्किल क्षेत्र के चार थाना केराकत, जलालपुर, चंदवक, गौराबादशाहपुर की पुलिस फोर्स भी मौके पर डटी हुई है।
अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं और गांव में लगातार गश्त की जा रही है। मृतक के परिजनों को सांत्वना देने और ढाढ़स बंधाने के लिए समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का तांता लगा रहा। हर कोई इस घटना से मर्माहत नजर आया।
मृतक के भाई सूरज की तहरीर पर पुलिस ने किशन सिंह, कौशल सिंह, प्रिंस सिंह, डबलू सिंह, डिसू पाठक के ऊपर मुकदमा पंजीकृत कर सभी आरोपियों को बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया और बृहस्पतिवार की दोपहर लिखा पढ़ी कर जेल भेज दिया गया।