जौनपुर। ट्रॉमा सेंटर में नई अल्ट्रासाउंड मशीन आने के बाद इंस्टॉलेशन नहीं होने और मेडिकल कॉलेज की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से मरीजों को निजी जांच केंद्रों में ज्यादा रुपये खर्च करके जांच करानी पड़ रही है। दोनों अस्पताल में इलाज के लिए हर दिन लगभग 1500 मरीज आते हैं। इसमें से 200 मरीजों को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह देते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवतियों को हो रही है। कोविड में ट्रॉमा सेंटर की मशीन जिला अस्पताल भेज दी गई : हाईवे पर सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को तत्काल बेहतर उपचार के लिए जौनपुर-वाराणसी हाईवे पर ट्रॉमा सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर पर लगी अल्ट्रासाउंड मशीन कोविड काल में जिला अस्पताल के लिए भेज दी गई थी। ट्रॉमा सेंटर को दूसरी मशीन उपलब्ध नहीं कराई गई। ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉ. फहीम खान ने बताया कि बीते पांच साल से मशीन नहीं है। एक सप्ताह पहले नई मशीन आई है लेकिन इंस्टॉल नहीं किया गया है। मेडिकल कॉलेज में सात दिन से अल्ट्रासाउंड मशीन बंद है। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सिद्दीकपुर में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन बीते एक साल से बंद है।