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Jaunpur News: गांवों में फिर से गूंजेगी हारमोनियम, ढोलक, मंजीरे की धुन

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जौनपुर। जिले की ग्राम पंचायतों में फिर से झांझ-मजीरा से लेकर ढोलक की थाप व हारमोनियम की धुन गूंजती सुनाई पड़ेगी। लोक कलाओं को पुनर्जीवित करने के लिए शासन ने अनोखी पहल की है। इस क्रम में सभी 1734 ग्राम पंचायतों में एक-एक सेट वाद्य यंत्र दिए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर से पत्र प्राप्त हो गया है। पंचायत राज विभाग की तरफ से इसको लेकर तैयारी शुरू की गई है। इसे खरीदने का खर्च संस्कृति विभाग उठाएगा। इसमें सबसे पहले दस गांवों में वाद्य यंत्र खरीदे जाएंगे।एक सेट वाद्य यंत्र में हारमोनियम, ढोलक, झांझ, मंजीरा, करताल, घुंघरू आदि शामिल होगा। लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कवायद की जा रही है। वाद्य यंत्रों के वितरण का उद्देश्य युवा पीढ़ी को कला, संस्कृति से जोड़ना है। इसके तहत भजन-कीर्तन मंडली, लोकगीत, लोकनृत्य, संस्कार गीत, नुक्कड़ नाटक आदि कार्यक्रमों के निरंतर संचालित करने वाली ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका चयन जिलाधिकारी को करना है।
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वाद्य यंत्रों पर लिखा जाएगा संस्कृति विभाग का नाम-सभी मंडलायुक्तों और डीएम को निर्देश जारी वाद्य यंत्रों के सेट पर संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश का नाम लिखा जाएगा। इसे लेकर निदेशक संस्कृति की तरफ से सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। चयनित ग्राम पंचायतों को वाद्य यंत्रों का सेट लखनऊ में आयोजित एक समारोह में ग्राम प्रधान व उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि को दिया गया।
सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपलब्ध होगा वाद्य यंत्र-वाद्य यंत्रों का रख-रखाव एवं मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत की होगी। ग्रामसभा के सदस्यों व कलाकारों द्वारा मांगे जाने पर वाद्ययंत्र सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इन वाद्य यंत्रों का उपयोग सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, पर्यटन संवर्द्धन, स्वच्छ भारत मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, महिला सशक्तिकरण, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ व सरकार द्वारा संचालित लाभार्थी परक योजनाओं के प्रचार-प्रसार में भी किया जाएगा।
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संस्कृति विभाग से वाद्य यंत्र ग्राम पंचायतों को दिया जाना है। इन गांवों का चयन जिलाधिकारी स्तर से किया जाएगा। इसमें ऐसे गांवों को लिया जा रहा है जहां के मंदिरों में भजन-कीर्तन व सार्वजनिक कार्यक्रम ज्यादा होते हैं। पहले चरण में तो 10 गांव का चयन होना है। यह सब काम करके संस्कृति विभाग ग्राम पंचायतों को वाद्य यंत्र हैंडओवर कर देगी। इसके बाद समय-समय पर इसको कलाकारों को दिया जाएगा। ताकि ग्रामीण क्षेत्राें में लोक कलाओं व परंपराओं को जिंदा रखा जा सके। -नवीन सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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