मछलीशहर। अब एक माह तक शहनाई की धुन नहीं सुनाई देगी। सोमवार से खरमास शुरू हो जाएगा। 15 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच कोई शुभ कार्य नहीं होंगे। ज्योतिष एवं तंत्र के आचार्य डॉ. शैलेश ने बताया कि जब सूर्य कन्या, धनु व मीन राशि में होते हैं तो इस अवधि को खरमास कहते हैं। महावीर पंचांग के अनुसार 16 दिसंबर को सुबह 7:29 बजे सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ खरमास शुरू हो जाएगा। शहनाई की धुन थम जाएगी। खरमास में विवाह, सगाई, मुंडन, भूमि पूजन, गृह प्रवेश समेत अन्य शुभ कार्य नहीं होंगे। बताया कि 14 जनवरी 2025 को दिन में 2:58 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे तब खरमास की समाप्ति होगी। खरमास धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है। इस दौरान गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान, सूर्यदेव, विष्णु भगवान व तुलसी मां की पूजा और जरुरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना शुभ माना जाता है। इस समय पितरों की प्रसन्नता के लिए तिल मिश्रित जल पीपल में चढ़ाना चाहिए। भगवन नाम जप व गायत्री मंत्र का जाप नित्य करना चाहिए। गायों को हरा चारा देना पुण्यदायी माना जाता है। विष्णु सहस्त्रनाम एवं गीता का पाठ करना लाभदायी माना गया है।