किसानो की गाढ़ी कमाई गेहूं की फसल जब पक कर तैयार हो रही है कुछ दिन बाद उसकी कटनी शुरू होनी है, फिर भी नील गायों का आतंक खतम नही हो रहा है | ये नील गाय दर्जनो की संख्या में एक साथ झुंड बनाकर जिस किसान की तैयार चलती है उस किसान की खून पसीने की गाढी कमाई की फसल को चौपट कर दे रही है।
लाचार किसान मनमसोट आसूं बहाने के सिवा कुछ भी नही कर पा रहा है। महराजगंज क्षेत्र के राजपुर रूखार, चरियाही ,गद्दोपुर ,वासूपुर, रामनगर उपधान, बसहराकला, कोबी ,ठेंगहा, चारों ,सेनपुर, पूरालाल आदि कई गांवो के किसान नील गाय के आतंक से परेशान है।
गेहूं की खेती में किसानो के मंहगे बीज खाद बुवाई जुताई सिचाई से लेकर हजारो रूपये खर्च हो गये हैं अब जब फसल कटने की स्थिति में है तो नील गाय का आतंक फसल को नष्ट कर दे रहा है। परेशान किसानो में हरिशंकर गौतम ने बताया कि खून पसीने की गाढी कमाई गेहूं की फसल को पहले छुट्टा पशुओ ने आधा अधूरा कर डाला था शेष बची फसल को अब नील गाय समाप्त कर रही है।
जिनकी रोकथाम के लिए सरकार की कोई भी व्यवस्था आगे नही आ रही है। ऐसी स्थिति मे किसानो का रोना ही शेष बचा है ।