जौनपुर। कोरोना संक्रमण के खतरे को लेकर प्रधानमंत्री ने मंगलवार की शाम देश को संबोधित करते हुए बचाव के उपाय अपनाने के लिए भले ही अपील की है लेकिन बुधवार को बाजार में पीएम की अपील का कोई असर नहीं दिखा। बाजारों में न तो दो गज की दूरी का मानक दिख रहा है और न ही लोगों के चेहरे पर मॉस्क । दुकानों पर खरीदारी के लिए आने वाले लोग बिना मास्क और शारीरिक दूरी के ही भीड़ में जूझ रहे हैं। बाजार में भीड़ को देखकर यही लगता है कि या तो लोगों के अंदर से कोरोना का भय खत्म हो रहा है या फिर तमाम अभियान चलने के बाद भी लोगों में जागरुकता की कमी रह गई है।
मंगलवार की शाम पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा था कि लॉकडाउन भले ही खत्म हो गया है लेकिन कोरोना वायरस अभी नहीं गया है। त्योहारों में हमें अभी भी सतर्क रहना होगा। नहीं तो देश की जो स्थिति संभली हुई है उसे खतरा हो सकता है। पीएम के इस संदेश से लगा कि शायद लोग संक्रमण से बचाव के लिए एहतियात जरूर बरतेंगे लेकिन बुधवार को बाजारों में भीड़ के जो दृश्य दिखे उससे नहीं लगता कि लोगों पर पीएम के संदेश का कोई असर हुआ है। ओलंदगंज स्थित फल वाली गली में जनरल स्टोर से लेकर फल और सब्जियों की दुकानों पर भी भीड़ दिखी। इस भीड़ में अधिकतर चेहरों पर मास्क नहीं दिखा। अगर कोई मास्क लगाया भी है तो नाक और मुह पूरी तरह खुला छोड़कर बाजार में टहलता दिखा। हरलालका रोड, चहाससू चौराहा, सब्जी मंडी, कचहरी में भी यही नजारा दिखा। जेसीज चौराहे के निकट ठेले पर छोला भटूरा और बाटी चोखा खाने वालों की भीड़ को देखने से भी पता चलता है कि लोग किस कदर कोरोना के खतरे से बेपरवाह हैं। यहां बाइक से सीधे उतरकर बिना हाथ को धोए या सैनिटाइजर का इस्तेमाल किए ही बाटी चोखा खाते देखा गया। शारीरिक दूरी की बात छोड़िए अब यदा कदा हाथ भी मिलाने से भी लोग परहेज नहीं कर रहे हैं। जेसीज चौराहे पर एटीएम बूथ के अंदर चार लोग एक साथ दिखे। इनमें से सिर्फ एक के चेहरे पर मॉस्क दिखा वह भी नांक और मुह के नीचे लगा रखे थे।