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Jaunpur News: शादी के 13 दिनों बाद ही उजड़ गया मांग का सिंदूर

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तेजीबाजार। रणजीत की पत्नी रीमा के हाथों की मेहंदी की लाली खत्म होने से पहले उसका सुहाग उजड़ गया। रणजीत की शादी बीते 11 मई को बड़े ही धूमधाम से शाहगंज के सबरहद गांव निवासी प्रवीण विश्वकर्मा की बेटी रीमा विश्वकर्मा के साथ हुई थी। शादी के अभी दो सप्ताह ही हुए थे तभी विवाद को सुलझाने में उनके पति रणजीत की मौत हो गई। रणजीत अपने मौसा पिपरी गांव निवासी फूलचंद विश्वकर्मा के घर शुक्रवार को अपने परिवार के साथ मौसी की लड़की के शादी में गए थे। मौत की सूचना मिलते ही परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। रणजीत के घर के पड़ोस के लोग भी यही चर्चा कर रहे हैं कि बेचारी रीमा का अब क्या होगा। पति की मौत की खबर सुनकर रीमा बेहोश हो गई तो रणजीत की मां नीलू विश्वकर्मा दहाड़े मारकर रो रही है, बेटे की मौत से पिता रामअजोर अचेत हैं। शनिवार करीब शाम छह बजे रणजीत विश्वकर्मा के शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे। परिजनों ने रणजीत का अंतिम संस्कार खूंशापुर घाट पर किया। पिता ने बेटे को मुखाग्नि दी।
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तीन भाइयों में सबसे बड़े थे रणजीत-रणजीत अपने परिवार में सबसे बड़े थे, और एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर लिए थे। दो छोटे भाई किशन और अनुज की जिम्मेदारी का बोझ था। बहन सुमन का विवाह तो पिता ने कर दिया था, लेकिन दो छोटे भाई की शिक्षा का बोझ रणजीत के कंधों पर था। पिता रामअजोर विश्वकर्मा घर रहकर खेती बारी का काम करते थे।
दो माह पहले वकालत के लिए कराया था रजिस्ट्रेशन-रणजीत वकालत की पढ़ाई को पूरा करने के बाद अपना रजिस्ट्रेशन बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में कराया था। बीते पांच मार्च 2025 को उसको बार काउंसिल में रजिस्टर्ड किया गया। चाचा राम उजागिर विश्वकर्मा दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता हैं। रणजीत भी अब चाचा के साथ वकालत की प्रैक्टिस के लिए जा रहा था।
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दीवानी न्यायालय ने जताया शोक, न्यायिक कार्य से विरत रहे-शनिवार सुबह जब राम उजागिर के भतीजे रणजीत की मौत की सूचना मिली तो दीवानी न्यायालय के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने युवा अधिवक्ता की हत्या पर घोर निंदा करते हुए दोपहर बाद से न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया।
डीजे पर डांस बन रहा विवाद का कारण, दस दिन में दो युवकों ने गंवाई जान-तेजीबाजार। बरात में डीजे पर डांस को लेकर आए दिन विवाद हो रहे हैं। कई मामलों में लोगों की जान तक चली गई है। तेजीबाजार थाना क्षेत्र में बीते दस दिनों में हुई दो घटनाओं में दो युवकों ने डीजे पर डांस को लेकर हुए विवाद में अपनी जान गंवाई है। बीते 15 मई को महाराजगंज थाना क्षेत्र के बरहुपुर गांव में प्रतापगढ़ जिले के फतनपुर थाना क्षेत्र के भोजेमऊ गांव से आई बारात में डीजे पर डांस को लेकर विवाद हो गया था। इसमें 30 वर्षीय कमलकुमार की जान चली गई। दूसरा घटना तेजीबाजार थाना क्षेत्र के पिपरी गांव में हुआ, जिसमें 31 वर्षीय रणजीत विश्वकर्मा की बीच बचाव में जान चली गई। आए दिन डीजे पर डांस को लेकर मारपीट का मामला दर्ज होता है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित कर दिया जाता है।
पुलिस की लापरवाही से रात भर बज रहे डीजे-डीजे बजाने को लेकर पुलिस की सुस्त कार्यशैली है। रात भर बड़े बड़े साउंड को लगाकर डीजे संचालक पुरानी जीप को मोडिफाई कराकर उस पर रखकर डीजे को बजाते हैं। नियमानुसार तो डीजे दस बजे के बाद बजाने की अनुमति नहीं है। फिर भी बारात में रात भर डीजे पूरी तेज आवाज में बजता है। तेज आवाज के कारण कभी कभी बारात में आए लोग बीमार भी हो जाते है। पुलिस को इस पर अभियान चलाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
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