मीरगंज। लासा गांव में हंगामे के कारण कोटेदार का चयन नहीं हो सका। ग्रामीणों के हंगामे के कारण बैठक स्थगित कर दी गई।
मछलीशहर ब्लाॅक के लासा गांव में सोमवार को दोपहर में कोटेदार के चयन को लेकर एक बैठक बुलाई गई थी। सहायक विकास अधिकारी ग्राम पंचायत राकेश त्रिपाठी नोडल अधिकारी बनाए गए थे। बैठक दोपहर एक बजे शुरू हुई तो बैठक लेने आए अधिकारियों की तरफ से बताया गया की सरकार के शासनादेश के अनुसार समूह से जुडे़ लोगों का ही कोटेदार के रूप में चयन हो सकता है। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कोई भी ग्रामीण कोटेदार का पात्र हो सकता है। इसी बात को लेकर हंगामा हो गया। इसके कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया। बैठक में प्रधान पति सुनील कुमार तथा सचिव जय प्रकाश इंदीवर मौजूद थे। सचिव इंदीवर ने बताया कि 2019 में एक शासनादेश आया था, इसे 2023 में संशोधित किया गया था। कोटेदार का चयन अब गांव में बनाए गए समूह से ही किसी का चयन किया जाएगा। लेकिन ग्रामीण हल्ला मचाने लगे। इसे देखते हुए बैठक स्थगित कर दी गई।