जौनपुर। लंबे समय से शहर में प्रस्तावित ऑडिटोरियम अब शीघ्र ही मूर्त रूप लेगा। इसके लिए जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। धन की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। सब कुछ ठीक रहा तो पिछले तीन वर्षों से अटका यह प्रोजेक्ट इस वर्ष जमीन पर उतर जाएगा। ऑडिटोरियम बनने से न सिर्फ जिले में सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कई अन्य तरह के कार्यक्रमों में भी सहूलियत होगी।
शहर में साढ़े सात सौ लोगों के बैठने की क्षमता का ऑडिटोरियम बनाने के लिए वर्ष 2017 में ही मंजूरी मिली थी। सीएंडडीएस को कार्यदाई संस्था नामित किया गया था। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस वातानुकूलित ऑडिटोरियम के निर्माण पर 17.35 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। तेजी से निर्माण के लिए पहली किस्त के रुप में पांच करोड़ रुपये अवमुक्त भी हो गए। पहले इसका निर्माण कृषि भवन के पास होना था, लेकिन बाद में विवादों के चलते मामला अटक गया। तब से ही शहरी क्षेत्र में लगातार जमीन की तलाश की जा रही थी। अब प्रशासन ने शहर से सटे राजकीय आईटीआई परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए जमीन चिह्तिन की है। इसका प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया गया है। बस वहां से संस्तुति मिलते ही कागजी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण शुरू कराया जाएगा। अभी तक ऑडिटोरियम न होने से सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षा गृह का ही उपयोग होता रहा है। इसमें महज दो सौ लोगों की क्षमता है। पुराना निर्माण होने के चलते यहां का मंच भी छोटा है। ऑडिटोरियम का निर्माण नए सिरे से आधुनिक सुविधाओं के साथ होगा। सीएंडडीएस के एक्सईएन महेंद्र यादव ने बताया कि ऑडिटोरियम के लिए जगह की तलाश पूरी हो चुकी है। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद निर्माण शुरू होगा।