सिंगरामऊ, क्षेत्र में गोमती जीवन यात्रा के स्वागत समारोह को संबोधित करते वक्ता। स्रोत-संवाद
- फोटो : आजमगढ़पुरवा में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजड़ा।
सिंगरामऊ। गोमती नदी के संरक्षण एवं जनजागरण यात्रा के 22वें दिन क्षेत्र के मेधा ऋषि की तपस्थली मेढ़ा गांव स्थित गोमतेश्वर महादेव मंदिर पर स्वागत किया गया। यहां युवराज राजवीर सिंह उर्फ राजा एवं क्षेत्रीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। यात्रा में शामिल संत-महात्माओं और अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस मौके पर यात्रा के साथ आए शत्रुघ्न महाराज ने मां गोमती की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गोमती नदी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। वनगमन के दौरान भगवान राम ने भी गोमती नदी में स्नान किया था। उन्होंने कहा कि नदी और वृक्ष जीवन जीने के सबसे बड़े रक्षक हैं। नदी को प्रदूषित न करें। उन्होंने गोमती का नाम धेनुमती भी बताया। महाराज ने कहा कि गोमती नदी की सुरक्षा हमारी ही नहीं बल्कि आने वाली पीढि़याें के लिए भी सुरक्षा प्रदान करेगी। कार्यक्रम के दौरान संत-महात्माओं एवं अतिथियों ने पौधरोपण भी किया। इस मौके पर पूर्व अध्यापक अनिल सिंह, प्रधानाध्यापक दिलीप सिंह, सहायक अध्यापक अनिल सिंह, जितेंद्र सिंह, उमाशंकर विश्वकर्मा, रिंकू सिंह, शीतला प्रसाद सिंह, विधायक प्रतिनिधि गिरीश चंद्र मिश्रा, सत्यदेव सिंह, पंकज सिंह, अखिलेश चतुर्वेदी (एडवोकेट), विजय सिंह, मास्टर विजय सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन शेषमन यादव ने किया।