जिले के विभिन्न हिस्सों में रविवार की रात हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। कई जगह गेहूं की खड़ी फसल गिर गई तो दलहनी और तिलहनी फसलों को भी नुकसान हुआ। कृषि विभाग ने प्रभावित हुई फसलों का सर्वे करके रिपोर्ट भी कृषि साख्यिकी एवं फसल बीमा उत्तर प्रदेश केे भेज दी। रिपोर्ट में 20 हजार 994.45 हेक्टेयर फसलें प्रभावित होने का दावा किया गया है। उधर, शहर में सड़कों को खोदकर छोड़ दिए जाने से बारिश के बाद सड़कें कीचड़युक्त हो गईं, जिससे लोग खासे परेशान।जिले में 227805 हेक्टेयर में रबी की खेती की गई है। गेंहू की फसल पकने की स्थिति में है जबकि सरसों की फसल 15 से 20 फीसदी कट चुकी है। शनिवार की शाम और रविवार की रात तेज हवा के साथ रुक-रुक कर हुई बारिश से गेहूं की फसल गिर गई जबकि खेतों में काटकर रखे सरसों के बोझ भीग गए। कृषि विभाग की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, गेहूं की कुल 20 हजार 859 हेक्टेर फसल प्रभावित हुई है। इसमें करीब 10 फीसदी का नुकसान है। इसी तरह सरसों की 135.45 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इसमें करीब पांच फीसदी का नुकसान बताया गया है। सिकरारा : क्षेत्र में बारिश ईट भट्ठा व्यवसायी व किसानों के लिए आफत लेकर आई। कई जगह गेहूं की फसल गिर गई। आम के बौर गिरे तो सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ। बदलापुर क्षेत्र में बारिश और तेज हवा से कई बीघा गेंहू की फसल खेतों में गिर गई। खेतासराय में गेंहू और सरसों की फसलों क्षति हुई है। बक्शा में किसानों की गेहूं, सब्जी की फसल का भारी नुकसान हुआ है। वरिष्ठ वैज्ञानिक पादप सुरक्षा डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि हवा के साथ बारिश से दलहनी फसलों में अरहर, मसूर, मटर और चना केे नुकसान हुआ है। आम का बौर भी प्रभावित हुआ है। पककर तैयार दलहनी फसलों में बारिश एवं नमी की वजह से दाने फूल जाएंगे और उसमें फफूद जनक बीमारी लगने की संभावना ज्यादा है।