रन्नों दक्षिण पट्टी गांव का ऐतिहासिक अमारी जुलूस सोमवार को परंपरागत ढंग से निकाला गया। पूरे दिन नौहा व मातम के साथ तकरीरें र्हुइं। जुलूस में हजारों की तादात में दूर-दराज से आए जाइरिन ने जियारत की और मन्नतें मांगी।
अंजुमन जुल्फेकारे हैदरी व मोमनीन रन्नो के तत्वावधान में आयोजित इस जुलूस की शुरुआत सुबह साढ़े छह बजे वासिफ हुसैन खां व हमनवा की सोजख्वानी से हुई। इसके बाद मुस्लिम रन्नवी ने पेशख्वानी की और मौलाना सगीर
हुसैन ने मजलिस को खेताब किया। जिसके बाद मौलाना हुसैन अकबर रईस के परिचय कराने के साथ एक-एक कर अलम, जुलजनाह व अमारियां बरामद हुईं। अंजुमन मासूमिया फैजाबाद ने नौहा पेश किया। इमाम बारगाह हुसैनिया
दक्षिण पट्टी से निकला यह जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ दोपहर करीब एक बजे मकतल पहुंचा। जहां मौलाना सैयद अब्बास इरशाद ने तकरीर की और प्रसिद्ध नौहा ख्वां साहेबे आलम ने नौहा पेश किया। इससे पहले अंजुमन अजाए
हुसैन जाफराबाद जलालपुर, अंजुमन सिपाहे हुसैनी भिनौली सादात ने नौहा पेश किया और जुलूस अपनी मंजिल की तरफ बढ़ा। इरफान हैदर के दरवाजे पर एक तकरीर हुई। जिसके बाद अंजुमन मासूमिया फैजाबाद के साहिबे बयाज विक्रम चंद्र
शर्मा ने नौहा पेश किया। इसके बाद जुलूस रौजा-ए-रसूल की जानिब रवाना हुआ। अंजुमन इमामिया रन्नो ने हट जाओ मुझको नाना के रोजे पर जाना है के साथ जुलूस को ठंडा किया गया।
इधर जिला प्रशासन द्वारा जुलूस में सुरक्षा की दृष्टि से पूरे क्षेत्र में पीएसी समेत पुलिस कर्मी व प्रशासनिक अधिकारी तैनात किया गया था ताकि जुलूस के दौरान किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न होने पाए।