जौनपुर दीवानी न्यायालय परिसर में पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर ले जाते समय दो बंदियों को गोली मारने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अधिवक्ताओं ने यहां की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया। कहा कि भगवान भरोसे ही कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था है। एलआईयू से लेकर पुलिस के जवान तक कचहरी में रहते हैं। मेडल डिटेक्टर तक लेकर मौजूद रहते हैं, लेकिन कचहरी परिसर में लोग असलहा लेकर आ जा रहे हैं। ऐसी गतिविधियों का पुलिस को भनक तक नहीं लगता है।
दीवानी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र नाथ उपाध्याय ने कहा कि मंगलवार को जिस तरह से घटना हुई वह निंदनीय है। इस तरह की घटना पुलिस की लापरवाही और चूक का नतीजा है। दिनदहाड़े वह भी पुलिस की अभिरक्षा में पेशी पर ले जा रहे बंदियों पर फायरिंग होना बड़ी बात है। कहने को तो एलआईयू के लोग भी कचहरी में रहते हैं, ताकि वहां की सूचनाएं पुलिस तक पहुंचती रहे, लेकिन मंगलवार को हुई घटना ने सारे पोल खोल दिए। कहा कि जब कोई घटना होती है तो पुलिस के अधिकारी और पुलिस कर्मी चार-छह दिन तक चकहरी का जायजा लेते हैं। उसके कुछ दिन के बाद ही सबकुछ ठंडे बस्ते में चला जाता है।