सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो महीने से सर्जन का पद रिक्त चल रहा है। इससे महिलाओं में उनके प्रसव को लेकर अभिभावकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अन्य समस्याओं से संबंधित ऑपरेशन के लिए भी लोगों को जिला मुख्यालय तक की शरण लेनी पड़ रही है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत जिन महिलाओं का प्रसव ऑपरेशन के माध्यम से होना होता है उनके लिए तमाम समस्याएं बनी हुई हैं। उन्हें जिला मुख्यालय अथवा निजी अस्पतालों में शरण लेनी पड़ती है। इससे रोगियों का प्राइवेट अस्पतालों में शोषण किया जा रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात सर्जन अमित सिंह का दो वर्ष पूर्व अगस्त 2021 में स्थानांतरण कर दिया गया था। तब से यहां किसी सर्जन की नियुक्ति नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. संजय दुबे ने बताया कि ऑपरेशन से होने वाले प्रसव के लिए कोई दिक्कत नहीं उठानी पड़ रही है। ऐसी दशा में बाहर से सर्जन बुलाकर उनका ऑपरेशन अस्पताल में नि:शुल्क कराया जाता है।