जौनपुर। जिले में ठंड तेजी से बढ़ने लगी है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने के कारण ठंडी बढ़ गई है। शासन की तरफ से एक माह पूर्व ही 30 लाख रुपये कंबल के लिए बजट तो प्राप्त हो गया, लेकिन अभी तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। ऐसे में गरीबों को कंबल के लिए 15 दिन और इंतजार करना होगा।
शासन स्तर से जिला प्रशासन को अलाव के लिए तीन लाख रुपये प्राप्त हुए है। इसमें प्रत्येक तहसीलों को 50-50 हजार रुपये की धनराशि तहसीलों को भेजी गई। इसके अलावा 30 लाख रुपये कंबल के मिले हैं। इसमें यह मानक निर्धारित किया गया है कि एक कंबल की कीमत 500 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे जिलेभर में करीब छह हजार कंबल प्राप्त होंगे, उसमें से प्रत्येक तहसीलों को एक हजार कंबल भेजे जाएंगे। साथ ही टेंडर में जेम पोर्टल पर पंजीकृत फर्मों के ठेकेदार ही हिस्सा ले सकते हैं। इसमें अभी तक 22 फर्मों ने हिस्सा लिया, टेक्निकल बीड खुलने के बाद अब फाइनेंशियल बीड खुलना शेष है। इसके बाद एक सप्ताह में कंबल की आपूर्ति हो जाएगी।
एक तरफ सरकार जहां गरीबों के हक की बात कर रही हैं, वहीं जिले में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में चाहे रेलवे स्टेशन, रोडवेज स्टैंड के बाहर आटो रिक्शा, ई-रिक्शा, रिक्शा, ठेला संचालकों, राहगीर को सुबह व शाम में ठंड में कांपते देखा जाता है। नगर पालिका परिसर जौनपुर में रोडवेज, जौनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन के बाहर अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। वहीं मीरपुर में नगर पालिका जौनपुर का स्थायी रैन बसेरा है। इसके अलावा अधिकतर नगर पंचायतों में रोडवेज व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बाद रैन बसेरा बनाया गया है। नगर पालिका परिषद मुंगराबादशाहपुर, शाहगंज, नगर पंचायत बदलापुर, गौराबादशाहपुर, खेतासराय, केराकत, कचगांव, जफराबाद, रामपुर में एक-एक अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। इसके अलावा मछलीशहर रोडवेज परिसर व मड़ियाहूं में स्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। इन जगहों पर गद्दा व रजाई की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
हम लोगों की पूरी तैयारी हैं। कंबल के लिए शासन से 30 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। टेंडर कराया जा रहा है। टेंक्निकल बीड खुल गई, फाइनेंशियल बीड बाकी है। कुल मिलाकर 25 दिसंबर से पहले तहसीलों में कंबल की आपूर्ति कर दी जाएगी।
राम अक्षबर चौहान, एडीएम।