जौनपुर। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर सरकारी तंत्र किस कदर खानापूरी करता है, इसकी बानगी जनपद में हाल ही में हुए पौधारोपण अभियान में साफ देखी जा सकती है। गत 12 जुलाई को जिलेभर में रिकॉर्ड 60 लाख से अधिक पौधे रोपे गए, जिनमें से अकेले वन विभाग ने 18.35 लाख पौधों का रोपण किया। लेकिन अभियान के महज कुछ ही दिनों के भीतर इन पौधों की सुरक्षा और सिंचाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हैरत की बात यह है कि सूबे के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव द्वारा रोपे गए पौधे भी असुरक्षित और लावारिस हालत में हैं।
करंजाकला ब्लॉक के काफरपुर गांव में खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने लगभग डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र में नीम, पीपल, बरगद और आंवला के 1001 पौधे लगाए थे। मौके पर सुरक्षा के लिए न तो कोई ट्री-गार्ड लगाया गया है और न ही तारबंदी की गई है। सिंचाई की कोई स्थायी व्यवस्था न होने के कारण फिलहाल वन विभाग टैंकरों के जरिए पानी भिजवा रहा है, जहां सुबह-शाम दो कर्मचारी पौधों को सींचने में जुटे हैं।
यही हाल मछलीशहर ब्लॉक का भी है, जहां रोपे गए तीन हजार पौधों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। ब्लॉक परिसर की फलदार वाटिका और नगर पंचायत द्वारा रोपे गए पौधे भी भगवान भरोसे हैं। केराकत के पुरनपुर में ग्राम प्रधान रामसमुझ यादव द्वारा रोपे गए 1100 पौधे और छितौना में रोपे गए 1000 पौधे अभी तो सुरक्षित हैं, लेकिन इनके चारों तरफ कोई सुरक्षा घेरा नहीं है। इसके विपरीत, मेहौड़ा ग्राम पंचायत में पूर्व विधायक दिनेश चौधरी, एसडीएम सुनील कुमार भारती व डीसी मनरेगा नंदलाल द्वारा ''एक पेड़ मां के नाम'' अभियान के तहत लगाए गए 1500 पौधे और परौवा में विधायक तूफानी सरोज द्वारा रोपे गए 1200 पौधे फिलहाल सुरक्षित पाए गए हैं।
बदलापुर और मड़ियाहूं ने पेश की नजीर, लोहे की जाली से की घेराबंदी
बदलापुर क्षेत्र के मछलीगांव में 12 जून को विधायक रमेश चंद्र मिश्र की अगुवाई में पांच सौ पौधे लगाए गए थे। इन पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड के बजाय चारों तरफ से घेराबंदी की गई है। इनकी सिंचाई के लिए बोरिंग की व्यवस्था भी की गई है। अभी तक लगभग सभी पेड़ सही स्थिति में हैं। मड़ियाहू विकासखंड के परसथ ग्राम पंचायत में 1000 पौधे लगाए गए हैं। इनकी सुरक्षा के लिए चारों तरफ एंगल लगाकर लोहे की जाली लगाई गई है। सुइथाकलां विकासखंड के दीपाईपुर में विधायक रमेश सिंह द्वारा 213 पौधे लगाए गए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण ये पौधे अभी तक सुरक्षित हैं।
पौधारोपण के नाम पर हर साल होने वाली सरकारी धन की बर्बादी का सबसे बड़ा सबूत महराजगंज विकास खंड से मिलता है। यहाँ पिछले साल रोपे गए पौधों में से लगभग 85 फीसदी पौधे सुरक्षा और पानी के अभाव में दम तोड़ चुके हैं। इस घोर लापरवाही पर खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार मौर्य का कहना है कि इस वर्ष सभी ग्राम पंचायतों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। पौधों की सुरक्षा और सिंचाई के लिए मनरेगा के तहत मजदूरों की तैनाती की जा रही है। निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई पौधा सूखता या नष्ट होता है, तो तत्काल उसके स्थान पर नया पौधा रोपा जाए।
जनपद में 60 लाख से अधिक पौधे रोपे गए हैं, जिनमें से 18.35 लाख वन विभाग द्वारा लगाए गए हैं। पौधों को लगाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभाग द्वारा लगाए गए सभी पौधे सुरक्षित हैं। उनकी घेराबंदी कराई जा रही है तथा पानी और निगरानी के लिए कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है।— दिव्या, डीएफओ, जौनपुर
खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव द्वारा रोपे गए पौधे की नहीं की गई सुरक्षा। संवाद