जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने 14 वर्षीय किशोर के साथ हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म के दोषी जफराबाद थाना क्षेत्र करमही निवासी रोहित कुमार को 20 वर्ष की सजा सुनाते हुए 53 हजार जुर्माने लगाया। कोर्ट ने जुर्माने की समस्त धनराशि पीड़ित को देने का आदेश दिया है। पीड़ित की चाची वादिनी मुकदमा गीता देवी निवासी समैसा थाना जफराबाद ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घटना 26 मई 2015 समय करीब 6 बजे शाम की वादिनी जौनपुर से अपने घर जा रही थी। इस दौरान रास्ते में भतीजा मिला और वादिनी को देखकर रोने लगा। पूछने पर बताया कि आरोपी रोहित निवासी करमही के घर पर गया था। इसके बाद भतीजे को बहला-फुसला कर टॉफी व आइसक्रीम दिलाने के लिए अपनी गाड़ी पर बैठा कर एकांत में ले जाकर उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। आरोपी ने धमकी दी थी कि किसी से बताओगे तो जान से मार कर खत्म कर दूंगा। घटना की सूचना थाने पर दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल जांच कराया और विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी वकील ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया। कोर्ट ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी रोहित कुमार को 20 वर्ष की सजा सुनाई।