ग्रामीण क्षेत्रों के नौनिहालों के शैक्षिक और शारीरिक विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाते हैं। बाल विकास कार्यालय की तरफ से जिले के 336 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण 6.72 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। इसे मार्च 2025 तक पूर्ण करना है। इसमें से 200 ही पूरे हो सके हैं। धीमी गति से हो रहे काम के चलते चार माह में 136 केंद्रों को बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
जिले में करीब 3290 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें करीब 5321 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। निर्माण में प्रत्येक के लिए 2 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत होती है। कनवर्जंस के माध्यम से बाल विकास, पंचायती राज और ग्राम विकास विभाग के सहयोग से इसका निर्माण हो रहा है। विभाग की तरफ से 200 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का दावा किया जा रहा है। इनमें भी कई अधूरे हैं। सिंगरामऊ के रजनीपुर और मिश्रौली ग्रामसभा में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन नहीं है, जिससे यहां भी प्राथमिक विद्यालय से ही आंगनबाड़ी का संचालन होता है।