शिक्षकों के मूल्यांकन कार्य बहिष्कार के चलते दूसरे दिन मंगलवार को भी कोठार के ताले नहीं खुले। जिले में बनाए गए सभी सातों मूल्यांकन केंद्र के कोठार गेट के सामने शिक्षक पूरे दिन धरने पर बैठे रहे। नतीजा यह रहा कि दो दिन बीतने पर एक भी कापी नहीं जांची गई। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के सभी घटक दलों ने मांग पूरी होने तक मूल्यांकन कार्य ठप रखने का संकल्प दोहराया।
मूल्यांकन केंद्रों का दौरा कर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक एंवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री रमेश सिंह ने शिक्षकों का हौैसला बढ़ाते हुए कहा कि शिक्षकों का संघर्ष बेकार नहीं जाएगा। संघर्ष जितना गहरा होगा उसका परिणाम भी उतना बेहतर सामने आएगा। उन्होंने माध्यमिक शिक्षक संघ नवीन गुट के अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव को संघर्ष समिति का सदस्य नियुक्त किया।
संघ के जिलाध्यक्ष नर सिंह बहादुर सिंह, पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह आदि ने मूल्यांकन केंद्रों का भ्रमण किया। जबकि माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, राजेश सिंह ठर्रा, रमाशंकर पाठक, डा. ईश्वरलाल यादव आदि ने भी केंद्रों का भ्रमण कर शिक्षकों को उत्साहित किया।
वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव ने सभाकर शिक्षकों को एकजुट रहने का आह्वान किया। कहा कि जब तक उनके मानदेय की व्यवस्था नहीं की जाएगी तब तक वित्तविहीन शिक्षक मूल्यांकन कार्य नहीं करेंगे।
इस दौरान शरद कुमार सिंह, सुशील कुमार सिंह, विनय प्रताप, रविकांत, डा. रमेश आदि मौजूद थे। उधर दूसरी तरफ माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मंगरूराम मौर्य ने भी संगठन के लोगों के साथ मूल्यांकन केंद्रों का भ्रमण किया।