मछलीशहर। आधार के जरिए धोखाधड़ी कर ठगों ने एक किसान के खाते से 48 हजार रुपये निकाल लिए थे। घटना के तीन महीने बाद बैंक मैनेजर की सूझबूझ से वृद्ध किसान के खाते में पैसे वापस आ गए। कुरनी गांव निवासी जयनारायण शुक्ला पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए अक्तूबर 2025 को स्टेट बैंक की मछलीशहर शाखा में पैसे निकालने पहुंचे थे। वहां उन्हें पता चला कि उनके खाते से सितंबर 2025 के अंतिम सप्ताह से लेकर अक्तूबर के बीच 48 हजार रुपये निकाले जा चुके हैं। घटना की जानकारी पीड़ित ने साइबर सेल थाने और ब्रांच मैनेजर श्वेता खरे को देकर पैसे वापस दिलाने में मदद करने का अनुरोध किया। ब्रांच मैनेजर ने लखनऊ स्थित मुख्यालय पर मेल के जरिये उनका प्रार्थना पत्र भेजा। वृद्ध किसान के साथ धोखाधड़ी से संबंधित मामले में पुलिस ने केस दर्ज करवाने के लिए कहा। केस दर्ज करने में हुई देरी के कारण कुछ दिन मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। फिर केस दर्ज होते ही स्टेट बैंक के साइबर सेल सिक्योरिटी विभाग ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि पैसा आधार के जरिये किसी अन्य बैंक के सेवा केंद्र से निकाला गया है। शाखा प्रबंधक श्वेता खरे ने बताया कि अन्य बैंक के ऊपर दबाव बनने पर उन्होंने बैंक के चार्ज बैक फंड से वृद्ध किसान का धोखाधड़ी से निकाले गए पैसे उनके खाते में वापस कर दिए। पीड़ित के पुत्र हितेश शुक्ला ने बताया कि पिता ने कभी भी आधार के जरिए अंगूठा लगाकर पैसे नहीं निकाला है।