जौनपुर। जिले की तीन प्रमुख तहसीलों में अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद न्यायिक कार्य प्रभावित हो गया है। केराकत और बदलापुर में उपजिलाधिकारियों के तबादले के कारण एसडीएम न्यायालयों में सुनवाई नहीं हो सकी, जबकि मड़ियाहूं में तहसीलदार के स्थानांतरण से अदालती कार्य बाधित रहा। इससे दूर-दराज़ से आने वाले वादकारियों को बिना सुनवाई के लौटना पड़ा।
अधिवक्ताओं का कहना है कि एसडीएम और नायब तहसीलदार की अदालतों में राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की नियमित सुनवाई होती है। न्यायिक कार्य लगातार प्रभावित रहने से लंबित मामलों की संख्या बढ़ने की आशंका है। उन्होंने शासन से रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति कर नियमित न्यायालय संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
उपजिलाधिकारी सुनील कुमार के गैर जनपद स्थानांतरण के बाद केराकत तहसील में पिछले दो दिनों से एसडीएम न्यायालय में सुनवाई नहीं हो सकी। नए उपजिलाधिकारी ने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसके चलते दूरदराज़ क्षेत्रों से पहुंचे वादकारियों को बिना सुनवाई के मायूस होकर लौटना पड़ा।
बदलापुर की उपजिलाधिकारी रानी गरिमा जायसवाल के स्थानांतरण के बाद यहां भी एसडीएम और नायब तहसीलदार की अदालत नहीं चल सकी। इससे सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई टल गई और बड़ी संख्या में वादकारियों को निराश होकर लौटना पड़ा। हालांकि तहसीलदार योगेंद्र पांडेय अपने न्यायालय में उपस्थित रहे और नियमित रूप से न्यायिक कार्य करते रहे।
मड़ियाहूं तहसील में तहसीलदार के स्थानांतरण के कारण उनके न्यायालय का कामकाज प्रभावित रहा। नए तहसीलदार ने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। हालांकि उपजिलाधिकारी न्यायालय में निर्धारित मामलों की सुनवाई नियमित रूप से हुई।