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Jaunpur News: मड़ियाहूं की तरफ भागे बदमाश, पीछा करते हुए पुलिस को मिली बाइक

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जलालपुर। जलालपुर चौराहे के पास बुधवार की रात चिकित्सक डॉ. तिलकधारी सिंह पटेल की हत्या के बाद बदमाश मड़ियाहूं की तरफ भागे हैं। सूचना पर पुलिस के पीछा करने पर रास्ते में एक लावारिस बाइक मिली। इस घटनाक्रम से चिकित्सालय के कर्मचारी अनजान थे। पिता शिवासरे पटेल की तहरीर पर तीन अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
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रात में हुई इस हत्या के समय चिकित्सालय में कर्मचारी ड्यूटी कर रहे थे। उसी समय बाइक सवार तीन हमलावरों ने सो रहे चिकित्सक को पांच गोलियां मारकर हत्या कर दी। इस बात से स्टाफ अभिषेक पटेल, प्रत्यूष गौड़ और सौरभ पटेल अनजान थे। चौराहे पर स्थित पिकेट के गार्ड के जानकारी देने पर ऊपर जाकर के लोगों ने देखा तो डॉक्टर को गोली लगी थी और बेड पर मृत पड़े थे। उकनी आंख, कान, कनपटी समेत पांच स्थानों पर गोली लगी थी।
बदमाशों को पुलिस का भी नहीं था डर

घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को चिकित्सालय से मात्र 50 मीटर पर पिकेट पर तैनात पुलिस कर्मियों का भी भय नहीं था। पुलिस पिकेट पर रातभर रहती है। जब गोली चली तो पुलिस गाड़ी का टायर फटने की आशंका में असमंजस में थी। पिकेट के गार्ड इंस्पेक्टर जलालपुर को सूचना देते हुए मौके की तरफ भागे। तब घटनास्थल पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
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सीसीटीवी और मोबाइल नंबर से बदमाशों की हो रही पहचान
घटनास्थल से करीब 12 किमी दूर हौज ग्राम के समीप हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और चिकित्सालय में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस हत्यारों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक, हमलावर जौनपुर की तरफ से एक बाइक से जलालपुर की तरफ टोल प्लाजा के कैमरे में आते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना को अंजाम देकर तीनों बाइक से मड़ियाहूं की तरफ भागे हैं। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के अनुसार बदमाशों की संख्या तीन थी, जो मुंह बांधे थे। सिर्फ आंखें दिख रही हैं।

अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश फरार
बदमाशों की सूचना मिलते ही जलालपुर इंस्पेक्टर राजेश यादव, डायल 112 व पुलिस कर्मी घटनास्थल की तरफ भागे। इसके बाद पुलिस बदमाशों के पीछे लग गई। बदमाश पुरेंव के आगे सीतम सराय नहर की तरफ से कुहासे व अंधेरे का लाभ पाकर फरार हो गए। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी केराकत गौरव शर्मा ने बताया कि सीतम सराय नहर पुलिया के पास से एक बाइक बरामद हुई है। उस बाइक को भी इस मामले से जोड़कर जांच पड़ताल की जा रही है। घटना के खुलासे के लिए जलालपुर, केराकत के थानों की तीन टीमों को लगाया गया है।

शव पहुंचते ही मड़ियाहूं-जलालपुर मार्ग पर लगाया जाम
मडियाहूं। कोतवाली क्षेत्र के गोपीपुर भूसेहरा गांव निवासी चिकित्सक तिलकधारी सिंह पटेल का शव बृहस्पतिवार को गांव के नजदीक पहुंचते ही करीब चार बजे क्षेत्रीय लोगों ने जलालपुर-मड़ियाहूं मार्ग पर टेकारडीह मोड़ के पास जाम लगा दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने एंबुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया। रास्ता जाम कर रहे लोग हत्यारों की गिरफ्तारी करने की मांग कर रहे थे। करीब डेढ़ घंटे तक जाम चला। ऐसे में पुलिस दूसरे रास्ते से शव लेकर घर पहुंची।
जाम लगने की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार कुमार सिंह, सीओ संत प्रसाद उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। रास्ता जाम कर रहे लोगों को पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ मानने को तैयार नहीं हुई। अंत में एंबुलेंस को दूसरे मार्ग से डॉक्टर के घर ले जाया गया। एंबुलेंस के मौके पर से हटते ही पुलिस ने सख़्त रूख अपनाया तो भीड़ तितर-बितर हो गई। इस दौरान मौके पर किसी भी जनप्रतिनिधि के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश रहा। डेढ़ घंटे तक लगे जाम से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही।

इसके पूर्व बृहस्पतिवार की सुबह तिलकधारी पटेल की हत्या की सूचना मिलने पर पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया था। परिवार के लोग दिनभर रोते बिलखते रहे।

गोपीपुर भूसेहरा गांव निवासी शिवआसरे पटेल के सात संतानों में तिलकधारी पटेल सबसे बड़े और इकलौते पुत्र थे। इसके बाद उनकी छह बेटियां वंदना पटेल, आराधना पटेल, संध्या पटेल, सुधा पटेल, किरण पटेल व कुसुम पटेल हैं। सभी का विवाह हो चुका है। तिलकधारी पटेल की शादी नहीं हुई थी। इनकी माता का देहांत हो चुका है। वह पिछले जलालपुर में क्लीनिक चला रहे थे। उनके साथ उनका चचेरा भाई अखिलेश पटेल भी रहता था। डॉ. तिलकधारी रात में क्लीनिक पर ही निवास करते थे। सुबह मौत की खबर सुनकर उनकी चाची कलावती देवी, धंजू देवी व रितु देवी समेत सभी बहनों का रो-रो कर बुरा हाल था। तिलकधारी की हत्या को लेकर घर पर जुटे लोग तरह-तरह के कयास लगाते रहे। परिवार के लोगों का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। कुछ लोग जलालपुर में खरीदी गई किसी भूमि संबंधी विवाद को लेकर आशंका व्यक्त करते रहे।
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