जफराबाद। परिवार के लोग कहां तो दुल्हन उतारने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन चंद मिनटों में ही अपनों की मौत का संदेश पहुंचते ही हर तरफ मातम छा गया। ढोलक की थाप पर मंगलगीत गातीं महिलाएं छाती पीटते हुए विलाप करने लगीं। उनकी चीखें लोगों को अंदर तक झकझोर रही थी। जलालपुर के असबरनपुर गांव में बोलेेेरो और बस की भिड़ंत में तीन मौतों के बाद सेहमलपुर गांव का कुछ ऐसा ही मंजर था। किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि कुछ देर पहले तक भांजे की शादी में खुशी से सराबोर मामा और मौसा अब इस दुनिया में नहीं है। शादी के फेरे दिलाने वाले पुरोहित का चेहरा भी बार-बार लोगों की आंखों के सामने घूम रहा था।
तरियारी सेहमलपुर गांव निवासी रामजीत सरोज के बेटे शैलेंद्र की बरात में परिवार और रिश्तेदार पूरे उल्लास शामिल हुए थे। शादी की रस्में भी धूमधाम से पूरी हुई। बरात में मामा, मौसा सहित अन्य सभी लोग खूब थिरके। रात भर चली शादी के दौरान भी इन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई। अधिकांश बराती रात में ही लौट आए थे। दुल्हन की विदाई कराकर दूल्हा भी सुबह होते ही घर के लिए रवाना हो गया। सभी रस्में पूरी कराने के बाद नए रिश्तेदारों से मुलाकात कर दूल्हे के पिता रामजीत अपने साढ़ू जवाहिर और साले रामलाल के अलावा पुत्र अतुल, शादी में नाऊ की जिम्मेदारी निभा रहे पप्पू, मजीद और पुरोहित संजय चौबे को लेकर सबसे अंत में निकले। उन्हें क्या पता था कि घर पहुंचने से पहले ही यह हादसा हो जाएगा और शादी में हर कदम पर साथ खड़े रहे साढ़ू और साले का साथ छूट जाएगा। सुबह दूल्हा-दुल्हन के घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही हादसे की खबर पहुंची। दुल्हन को उतारकर परिवार के अन्य लोग तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। मंगलगीत गाती महिलाएं विलाप करने लगीं। हादसे में दूल्हे के पिता रामजीत, भाई अतुल सरोज की हालत भी गंभीर है। दोनों ट्रामा सेंटर में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
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भतीजी को आशीर्वाद देने की हसरत नहीं हुई पूरी
जफराबाद। हादसे में जान गंवाने वाले कोतवालपुर निवासी संजय चौबे शादी में पुरोहित की भूमिका में थे। शादी की रस्में पूरी कराने के बाद वह अन्य बरातियों के साथ भोर में ही लौटना चाह रहे थे, लेकिन विदाई के बाद रामजीत ने उन्हें अपने साथ चलने की जिद कर रोक लिया था। संजय का कहना था कि उन्हें समय से घर पहुंचना है, ताकि वह रविवार को होने वाले भतीजी के बहूभोज के लिए समय से निकल सकें, लेकिन उनकी यह इच्छा अधूरी ही रह गई। संजय चौबे की तीन संतानों में पुत्री पम्मी चौबे (25), पुत्र अनुराग (22) और पीयूष (20) हैं। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।