करंजाकला। उत्तर प्रदेश के महाविद्यालय प्रबंधक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से उनके लखनऊ स्थित आवास पर मुलाकात की। संघ ने विश्वविद्यालयों, विशेषकर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की ओर से की गई भारी फीस वृद्धि पर चिंता जताई और इसे गरीब व मध्यम वर्गीय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश तिवारी, संरक्षक अशोक दुबे और प्रबंधक महासंघ के प्रतिनिधि राजेश राय ने मंत्री को अवगत कराया कि बार-बार की जा रही फीस वृद्धि से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति से भी वार्ता की गई लेकिन कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला। उलटे, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के हालिया फैसलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। प्रबंधक संघ ने ज्ञापन सौंपकर मांग की कि इस जनविरोधी फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक स्थायी समाधान निकाला जाए। चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो बड़ी संख्या में मेधावी छात्र पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और कार्रवाई का आश्वासन दिया।