गंगा में आई बाढ़ के दौरान शुक्रवार को गायत्री शक्तिपीठ के बाहर बने मार्ग को काटकर बहता नदी का पानी।
केराकत कोतवाली क्षेत्र के भड़ेहरी घाट के पास गुरुवार को गोमती में नाव डूबने से एक मछुआरे की मौत हो गई, जबकि दो को बचा लिया गया। उधर, हादसे की खबर गांव पहुंची तो वहां कोहराम मच गया और ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। जबकि हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और हादसे की बाबत लोगों से जानकारी ली।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की शाम लगभग सात बजे भड़ेरी गांव निवासी राजेश निषाद (35), नीरज (16) और उमाशंकर निषाद (30) नाव से नदी में जाल डालकर मछली पकड़ रहे थे। मछली पकड़ कर वह घर लौट रहे थे। अभी वह नाव को किनारे की ओर लगा ही रहे थे कि अचानक नदी किनारे लगा एक गूलर का पेड़ नदी में गिर पड़ा। इससे नाव डगमगाने लगी।
अभी वह लोग कुछ समझ पाते कि नाव नदी में डूब गई। मछुआरों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके की ओर दौड़े और नदी में उतर गए। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद मछुआरे उमाशंकर व नीरज को तो बचा लिया, लेकिन राजेश डूब गया। रात लगभग पौने दस बजे गोताखोरों ने काफी मेहनत के बाद राजेश के शव को भी बाहर निकलाने में किसी तरह सफलता हासिल कर ली। उधर हादसे की खबर मिलते ही तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और हादसे की बाबत जानकारी हासिल की। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। जबकि मृतक के परिवारीजन भी पहुंचे। उनके क्रदंन से माहौल गमगीन हो उठा। हादसे को लेकर गांव में चर्चाएं होती रहीं।