एआरटीओं कार्यालय में जांच के दौरान लगी रही भीड़ ।
मुंगराबादशाहपुर के उकनी गांव के पास बृहस्पतिवार को डीआरएम पब्लिक स्कूल के छात्रों से भरी वैन के हादसे ने परिवहन विभाग की प्रवर्तन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। दुर्घटनाग्रस्त वैन का फिटनेस प्रमाणपत्र छह साल पहले ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद वह बिना फिटनेस और परमिट के बच्चों को ढो रही थी। हादसे की जांच में लापरवाही सामने आने पर परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने मामले को गंभीरता से लिया। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर शनिवार को एआरटीओ प्रवर्तन सतेंद्र कुमार सिंह और पीटीओ प्रमोद कुमार के खिलाफ विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की गई। 20 अगस्त की सुबह करीब आठ बजे उकनी (धरमपुर) में टाटा वेंचर वैन की बस से जोरदार टक्कर हो गई थी। वैन पलटने से उसमें सवार कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए थे। सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में पता चला कि वैन का फिटनेस प्रमाणपत्र एक जनवरी 2020 को समाप्त हो गया था। इसके बाद करीब छह साल से अधिक समय तक वाहन का संचालन होता रहा। वाहन के पास आवश्यक परमिट भी नहीं था और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि हादसे की सूचना मुख्यालय को भेजने में एआरटीओ प्रवर्तन और पीटीओ ने देरी की। हादसा सुबह करीब आठ बजे हुआ, लेकिन दोपहर 12:45 बजे तक परिवहन विभाग की ओर से प्राथमिक आख्या या सूचना मुख्यालय को नहीं भेजी गई। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए 20 अगस्त को दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। अधिकारियों की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को विभाग ने संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद एआरटीओ प्रवर्तन सतेंद्र कुमार सिंह और पीटीओ प्रमोद कुमार के खिलाफ विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की गई।