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पटाखे की गूंज के साथ गुम हो गई थी दीपावली की खुशियां

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जौनपुर। यूं तो दीपावली पर पटाखे फोड़ने को लेकर बच्चे बहुत उत्साहित रहते हैं लेकिन पटाखों के जलाने में जरा भी असावधानी हुई तो पटाखों की गूंज में त्योहार की खुशियां भी गुम हो जाता हैं। गुजरे वर्षों में त्योहारों के मौके पर पटाखा जलाते समय हुए हादसों से हमे सबक लेने की जरूरत है। सावधानी नहीं बरती गई तो खुद के साथ साथ सगे संबंधियों की भी दीपावली फीकी हो जाएगी। सिकरारा थाना क्षेत्र के शेखपुर गांव के नंदलाल यादव और उनके परिवार के लोगों का कुछ ऐसा ही अनुभव है।
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वर्ष 2018 में दीपावली के दिन शेखपुर गांव में बच्चे पटाखे जला रहे थे। लोग पटाखे जलाने की खुशी में इस कदर लीन थे कि उससे होने वाले संभावित खतरों को भूल गए। सावधानियों पर ध्यान न देने की वजह से ही गांव निवासी नंदलाल का छह वर्षीय बेटा मोकल बाहर फुलझड़ी जला रहे बच्चों के बीच खेल रहा था। उसी दौरान उसे किसी ने पटाखे दे दिया। वह पटाखे लेकर रसोई में चला गया। उसने चूल्हे की आग से पटाखे जलाने की कोशिश की। उसने सभी पटाखे एक साथ जलते चूल्हे में डाल दिया। एक साथ कई पटाखे जलने से आग भड़क उठी और मोकल झुलस गया। क्षण भर में ही त्योहार की खुशियां गायब हो गई। परिजन और आप पास के लोग भी बालक को लेकर सीएचसी पहुंचे जहां उसकी हालत गंभीर देख डाक्टर ने रेफर कर दिया था। लंबे समय तक चले इलाज के बाद बालक तो ठीक हो गया पर नंदलाल और उनके परिवार के लोग उस घटना को याद कर आज भी सहम जाते हैं।
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