बार और बेंच के बीच सामंजस्य स्थापित होने पर ही वादकारियों का हित है। बार व बेंच एक-दूसरे के पूरक होते हैं। ऐसी दशा में दोनों का यह प्रयास होना चाहिए कि कहीं किसी बात को लेकर कोई गलतफहमी या नाराजगी हो तो आपस में बैठकर समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
ये बातें मंगलवार को तहसील के सभागार में बार व बेंच की हुई बैठक एसडीएम चन्द्र प्रकाश पाठक ने कहीं। एसडीएम ने कहा कि वादकारियों के हितों का हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने भी बार व बेंच के बीच सामंजस्य स्थापित रहने पर जोर दिया। उनका कहना था कि बार व बेंच के बीच टकराव या दूराव वादकारियों के हित में नहीं है। अधिवक्ताओं ने तहसील के विभिन्न न्यायालयों में लंबित पड़े मुकदमों के त्वरित निस्तारण की मांग की। तहसीलदार के कार्य व्यवहार में नरमी बरते जाने का भी अनुरोध किया। बैठक में तहसीलदार राम सुधार, नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार यादव, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजमणी यादव, महामंत्री मुकेश कुमार शुक्ल, महेंद्र शंकर पांडेय, कुंवर बहादुर यादव, राजेश पांडेय, जय प्रकाश मौर्य, अमरनाथ यादव आदि मौजूद रहे।