जौनपुर। गरीबों को आवास देने के लिए कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत बनाए जा रहे 698 सामुदायिक आवास आठ साल बाद भी नहीं बन पाए हैं। इसके लिए स्वीकृत साढ़े 18 करोड़ रुपये का भुगतान भी कार्यदायी संस्था को किया जा चुका है लेकिन उसने आवास का काम पूरा नहीं किया। कहीें प्लास्टर नहीं हुआ है तो कहीं खिड़की, दरवाजा, पानी व बिजली के काम बाकी हैं।
गरीबों का छत नसीब हो सके। इसके लिए शासन ने वर्ष 2012 में कांशीराम शहरी आवास योजना में 698 सामुदायिक आवास स्वीकृत हुआ था। इसमें शहर के आईटीआई परिसर में 384, मड़ियाहूं नगर पंचायत के कादीपुर में 192 और मछलीशहर नगर पंचायत में 112 आवास बनाने का कार्य शुरू किया गया, जिसे कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ओर से बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस आवासों को वर्ष 2016 में पूरा करने का फरमान जारी हुआ था। नियत तिथि के अंदर आवास बनाने के लिए स्वीकृत सभी धनराशि का भुगतान कार्यदायी संस्था को कर दिया गया है, लेकिन अभी तक आवासों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। हालत यह है कि प्लास्टर, रंगाई-पोताई, जलापूर्ति, बिजली, खिड़कियां व दरवाजे लगाने आदि कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
सत्यापन के लिए टीम गठित
जौनपुर। आवासों के निर्माण का कार्य मानक के अनुसार शीघ्र पूरा कराने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन सत्यापन का निर्देश दिया गया है। इसमें अधिशासी अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी व एक्सईएन पीडब्ल्यूडी को नामित किया गया है।
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गरीबों को जल्दी आवास का आवंटन किया जा सके इसके लिए अधूरे आवासों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया गया है। इसकी जांच करने के लिए तीन सदस्यीय टीम का भी गठन किया गया। -राजकुमार द्विवेदी, एडीएम (भू व राजस्व)